केंद्र सरकार ने राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और विकास कार्यों को तेजी देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्रालय ने 1 अगस्त 2026 को राज्यों को 1.09 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर हिस्सेदारी जारी कर दी है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। यह राशि 10 अगस्त को मिलने वाली नियमित मासिक किस्त से अलग है. यानी राज्यों को इस महीने तय समय से पहले अतिरिक्त पैसा मिला है, जिससे वे अपनी विकास योजनाओं और पूंजीगत खर्च को तेजी से आगे बढ़ा सकेंगे.

किस राज्य को मिला सबसे ज्यादा पैसा?
इस अतिरिक्त राशि में उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है. राज्य के खाते में 19,208 करोड़ रुपये भेजे गए हैं. इसके बाद बिहार को 10,845 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपये मिले हैं.
इन राज्यों को भी मिली बड़ी राशि
| राजस्थान | ₹6,460 करोड़ |
| आंध्र प्रदेश | ₹4,597 करोड़ |
| कर्नाटक | ₹4,504 करोड़ |
| तमिलनाडु | ₹4,466 करोड़ |
| गुजरात | ₹4,094 करोड़ |
| ओडिशा | ₹4,819 करोड़ |
| झारखंड | ₹3,660 करोड़ |
| छत्तीसगढ़ | ₹3,602 करोड़ |
| असम | ₹3,552 करोड़ |
| केरल | ₹2,597 करोड़ |
| तेलंगाना | ₹2,370 करोड़ |
| पंजाब | ₹2,176 करोड़ |
छोटे राज्यों को कितना मिला?
| हिमाचल प्रदेश | ₹996 करोड़ |
| त्रिपुरा | ₹699 करोड़ |
| मेघालय | ₹688 करोड़ |
| मणिपुर | ₹682 करोड़ |
| मिजोरम | ₹615 करोड़ |
| नागालैंड | ₹524 करोड़ |
| गोवा | ₹398 करोड़ |
| सिक्किम | ₹365 करोड़ |
राज्यों को इससे क्या फायदा होगा?
सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त फंड से राज्यों को सड़क, पुल, अस्पताल, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा सामाजिक कल्याण योजनाओं, ग्रामीण विकास, सिंचाई, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी खर्च बढ़ाया जा सकेगा. समय से पहले पैसा मिलने से राज्यों पर वित्तीय दबाव भी कम होगा और विकास परियोजनाओं की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है.
क्या होता है टैक्स डिवोल्यूशन?
भारत में केंद्र सरकार टैक्स के जरिए जो राजस्व जुटाती है, उसका एक हिस्सा राज्यों को दिया जाता है. इसे टैक्स डिवोल्यूशन कहा जाता है. मौजूदा व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार अपने कुल कर संग्रह का 41% हिस्सा राज्यों के साथ शेयर करती है. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। यह राशि पूरे वित्त वर्ष में आमतौर पर 14 किस्तों में जारी की जाती है. इस बार सरकार ने तय मासिक किस्त के अलावा अतिरिक्त फंड जारी किया है, ताकि राज्यों को विकास कार्यों के लिए धन की कमी का सामना न करना पड़े.



