इलेक्ट्रिक टूव्हीलर सेगमेंट की दिग्गज कंपनी एथर एनर्जी ने चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही के नतीजों से बाजार को चौंका दिया है. कंपनी ने न सिर्फ अपने घाटे को काफी हद तक कम किया है, बल्कि रेवेन्यू में भी 88.8% का शानदार उछाल दर्ज किया है. महज एक साल के भीतर अपने निवेशकों को 223% का तगड़ा रिटर्न देने वाली इस कंपनी का शुद्ध घाटा अब सिमटकर 51 करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 178.2 करोड़ रुपये था.

घाटे में भारी गिरावट से मजबूत हुई वित्तीय सेहत
किसी भी ऑटोमोबाइल कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपने खर्चों को कैसे प्रबंधित करती है और बिक्री को किस रफ्तार से बढ़ाती है. एथर ने इस मोर्चे पर बेहतरीन काम किया है. कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर बढ़कर 1,217 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. वहीं, कंपनी के परिचालन प्रदर्शन को दर्शाने वाला EBITDA घाटा भी पिछले साल के 134.3 करोड़ रुपये से काफी घटकर महज 33.4 करोड़ रुपये रह गया है. सीधे शब्दों में कहें तो रिकॉर्ड बिक्री के साथसाथ कंपनी अपनी लागत को नियंत्रित करने में पूरी तरह सफल रही है, जिससे इसकी बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है.
ईवी डिमांड का मिल रहा सीधा फायदा
भारत में आम ग्राहक अब पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों और इसके भविष्य को लेकर सचेत हो गए हैं. यही वजह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड में तेजी से उछाल आ रहा है. एथर के प्रबंधन का मानना है कि केंद्र सरकार की ‘पीएम ईड्राइव’ योजना और दिल्ली ईवी पॉलिसी जैसी नई सरकारी पहलों ने इस पूरे सेक्टर में नई जान फूंक दी है. हालांकि, पेट्रोल के दामों में हालिया बढ़ोतरी से पहले ही ग्राहकों का रुझान ईवी की तरफ तेजी से बढ़ने लगा था. बदलते कंज्यूमर बिहेवियर का यह सीधा और बड़ा फायदा एथर जैसी भरोसेमंद और स्थापित कंपनियों को मिल रहा है.
नया स्कूटर लॉन्च कर बाजार का गेम बदलने की तैयारी
एथर केवल अपने मौजूदा मॉडल्स की सफलता तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि भविष्य की तैयारी भी जोरों पर है. कंपनी जल्द ही अपना बहुप्रतीक्षित नया ‘EL’ स्कूटर बाजार में उतारने जा रही है. जून तिमाही में इसका होमोलोगेशन पूरा हो चुका है और बड़े पैमाने पर ट्रायल प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया गया है. वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही से होसुर स्थित प्लांट में इसका व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा. बताया जा रहा है कि अगस्त में होने वाले ‘एथर कम्युनिटी डे’ के खास मौके पर इस नए स्कूटर से पर्दा उठाया जाएगा. भविष्य की मांग को देखते हुए कंपनी अपनी कुल उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाकर 60,000 यूनिट प्रति माह करने के आक्रामक लक्ष्य पर काम कर रही है.
स्मार्ट तकनीक से राइडिंग को सुरक्षित बनाने पर जोर
सिर्फ गाड़ियां बेचना ही नहीं, बल्कि तकनीक को लगातार अपग्रेड करना भी एथर की रणनीति का अहम हिस्सा है. हाल ही में शेयर बाजार से क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट के जरिए 1,300 करोड़ रुपये का बड़ा फंड जुटाने के बाद, कंपनी ने इनोवेशन पर अपना फोकस और बढ़ा दिया है. एथर ने ‘पॉटहोल प्लस अलर्ट’ नाम का एक शानदार सेफ्टी फीचर पेश किया है. यह फीचर 450 एपेक्स, 450X और रिज़्टा Z जैसे जेन 2 और उसके बाद के आधुनिक स्कूटरों में मिलेगा. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। यह तकनीक एथर के कनेक्टेड डेटा की मदद से खराब रास्तों, टूटी सड़कों, गड्ढों और स्पीड ब्रेकर की जानकारी राइडर को पहले ही दे देगी, जिससे सफर ज्यादा सुरक्षित और आसान बनेगा. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। बाजार में 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भारीभरकम मार्केट कैप रखने वाली इस कंपनी के शेयर भी 1,280 रुपये के स्तर पर मजबूत बने हुए हैं.



