Prayagraj Viral News Update: राजकीय किशोर सम्प्रेक्षण गृह में एक किशोर अपचारी की कथित पिटाई का मामला सामने आने के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों का आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद किशोर जब अपना सामान लेने सम्प्रेक्षण गृह पहुंचा तो वहां अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना से नाराज परिजनों ने पहले सम्प्रेक्षण गृह और बाद में खुल्दाबाद थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की।

प्रयागराज के किशोर सम्प्रेक्षण गृह में किशोर की पिटाई का आरोप, परिजनों ने किया हंगामा और थाने का घेराव​
प्रयागराज के किशोर सम्प्रेक्षण गृह में किशोर की पिटाई का आरोप, परिजनों ने किया हंगामा और थाने का घेराव​

मारपीट के मामले में 3 मई को भेजा गया राजकीय किशोर सम्प्रेक्षण गृह

जानकारी के अनुसार करछना क्षेत्र निवासी सुंदर पाण्डेय का लगभग 16 वर्षीय पुत्र मंगल पाण्डेय को मारपीट के एक मामले में 3 मई को राजकीय किशोर सम्प्रेक्षण गृह में रखा गया था। परिजनों का आरोप है कि तीन दिन पहले भी सम्प्रेक्षण गृह के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उसकी पिटाई की थी, जिससे वह बेहोश हो गया था। हालत गंभीर होने पर उसे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

जमानत मिलने के बाद किशोर की पिटाई

शुक्रवार को किशोर को न्यायालय से जमानत मिल गई और शनिवार को उसे रिहा कर दिया गया। आरोप है कि देर शाम वह अपना कपड़ा और अन्य सामान लेने दोबारा सम्प्रेक्षण गृह पहुंचा। इसी दौरान अधीक्षक, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने उसे फिर से पीट दिया। परिजनों के मुताबिक पिटाई इतनी गंभीर थी कि किशोर खून से लथपथ हो गया। बाहर मौजूद परिवार के लोगों ने उसकी चीखपुकार सुनी और जाली के पास पहुंचकर देखा तो हंगामा शुरू कर दिया।

 

पुलिस ने दिया कानूनी कार्रवाई का आश्वासन

मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। परिजनों ने पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। बाद में वे खुल्दाबाद थाने पहुंचे और वहां भी किया। खुल्दाबाद इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि एक पक्ष की ओर से मारपीट का आरोप लगाया गया है। परिजनों को थाने बुलाकर उनकी बात सुनी गई है। सम्प्रेक्षण गृह के अधिकारियों से भी वार्ता की जाएगी, जिसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने कहा कि पूरे मामले की स्वयं जांच करेंगे। यदि जांच में कोई अधिकारी, कर्मचारी या सुरक्षा कर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।