
श्रावण मास सुखसमृद्धि लेकर आता है, चारों तरफ हरियाली और खुशनुमा मौसम होता है। भगवान शिव को यह महीना अति प्रिय है। हिंदू धर्म में सावन के महीने में हरे रंग को खुशहाली और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान महिलाएं हरी चूड़ियां और हरे कपड़े पहनती हैं।
सावन के मास में शादीशुदा महिलाएं हाथों में हरे रंग की चूड़ियां पहनती हैं। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरी चूड़ियां न केवल एक सुंदरता से जुड़ी परंपरा ही नहीं हैं, बल्कि ये श्रावण के पवित्र महीने में समृद्धि, भक्ति, सद्भाव और भगवान शिव व माता पार्वती के दिव्य आशीर्वाद का प्रातीक है। आइए आपको बताते हैं सावन 2026 में भगवान भोलेनाथ कृपा प्राप्त करने के लिए हरी चूड़ियां पहनने की सही तरीका।
श्रावण मास में हरी चूड़िया पहनने का सही तरीका?
सावन के महीने में सुहागिन महिलाएं हरी चूड़ियां पहनती है। पारंपरिक रुप से इन्हें खुशहाली, आपसी तालमेल, वैवाहिक संबंध और शादीशुदा जीवन से जोड़ा जाता है। इस महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा में महिलाएं हरी चूड़ियां पहनती हैं।
सावन में हरी चूड़िया कब पहनें?
सावन में हरी चूड़ियां पहने के लिए कुछ खास दिन हैं, जिनमें हरी चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है। श्रावण मास के पहले सोमवार को हरी चूड़ियां पहनें, अगर आप ने अभी तक नहीं पहनती हैं, तो आप सावन के किसी भी सोमवार को या फिर शुक्रवार को हरी चूड़ी पहन सकते हैं। शुक्रवार का दिन वैदिक ज्योतिष में प्रेम संबंध, मधुरता, दापंत्य जीवन का कारक माना जाता है।
महिलाओं में सावन माह में स्नान करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए और फिर श्रद्धापूर्वक हाथों में हरी चूड़ियां पहनें।
चूड़िया पहनने से पहले क्या करें?
जब आप हरी चूड़ियां पहने तो सबसे पहले इन्हें भगवान शिव और माता पार्वती के सामने रखें। पूजा करने के बाद भगवान से आशीर्वाद मांगे और फिर अटूट विश्वास के साथ इन चूड़ियों को पहन लें। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसके अलावा, महिलाओं को हरी चूड़ियों के साथ सुहाग से जुड़े दूसरे प्रतीकों को भी सम्मान करना चाहिए, जैसे कि मंगलसूत्र, सिंदूर, बिंदी और बिछिया पहन सकती हैं।
क्या अविवाहित लड़कियां हरी चूड़ियां पहन सकती हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुंवारी लड़कियां भी सावन के महीने में हरी चूड़ियां पहन सकती हैं। असल में कई रीतिरिवाजों में हरा रंग को सुखसमृद्धि और उत्पत्ति का रंग माना जाता है। इसके अलावा इस रंग को मां पार्वती के आशीर्वाद से भी देखा जाता है।



