Petrol LPG Prices: ईरान द्वारा अमेरिका और इजरायल पर सीजफायर के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए होर्मुज को एक बार फिर से बंद करने की घोषणा के बाद ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता फिर से बढ़ चुकी है. इस तनाव के बीच इस बात का डर एक बार फिर से बढ़ रहा है कि ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और ग्लोबल ट्रेड रूट बाधित हो सकते हैं. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी कॉरिडोर में से एक है और इसमें किसी भी तरह की लंबी रुकावट का सीधा असर भारत के ईंधन इंपोर्ट, एलपीजी सप्लाई और पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.

भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट क्यों जरूरी है?

भारत अपनी एनर्जी जरूरत के इंपोर्ट के लिए होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले रास्ते पर काफी ज्यादा निर्भर है. देश के क्रूड आयल इंपोर्ट का लगभग 40%, एलएनजी सप्लाई का 60% और एलपीजी की जरूरत का लगभग 90% हिस्सा इसी खाड़ी क्षेत्र से आता है और होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से गुजरता है. यही वजह है कि किसी भी तरह की रूकावट या फिर लंबे समय तक बंद रहने से सप्लाई की कमी और इंपोर्ट की लागत बढ़ने की चिंता पैदा हो सकती है.

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल आ सकता है

ऐसा कहा जा रहा है कि नए सिरे से बढ़े तनाव की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं. अगर क्रूड की कीमतों में 10% से 20% की बढ़ोतरी होती है और वह लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो इसका असर घरेलू ईंधन की कीमतों पर भी पड़ सकता है.

मार्केट के कुछ अनुमानों के मुताबिक अगर यह संकट लंबा खींचता है और ग्लोबल तेल सप्लाई बाधित रहती है तो भारत में पेट्रोल की कीमतें ₹150 प्रति लीटर के पास जा सकती है. डीजल की कीमतों पर भी इसी तरह का दबाव पड़ेगा.

एलपीजी सिलेंडर की कीमतें खतरे में

घरों के लिए सबसे बड़ी चिंता एलपीजी है. क्योंकि भारत के लगभग 90% एलपीजी सप्लाई खाड़ी देशों के प्रोड्यूसर्स से जुड़ी है. इस वजह से शिपिंग रूट में किसी भी तरह की रुकावट से खरीद की लागत काफी ज्यादा बढ़ सकती है. इस वजह से घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है.

कितने जहाज फंसे हुए?

शिपिंग ट्रैकिंग एजेंसी और समुद्री उद्योग के मुताबिक सुरक्षा चिंता और जहाज की आवाजाही को लेकर अनिश्चितता की वजह से होर्मुज के दोनों तरफ 550 से भी ज्यादा कमर्शियल जहाज, कार्गो जहाज और तेल टैंकर फंसे हुए हैं. इसी के साथ रिपोर्ट से यह पता चलता है कि खाड़ी क्षेत्र और उसके आसपास चल रही स्थिति से अभी 23 से ज्यादा भारतीय जहाज वहां फंसे हुए हैं.