उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर विपक्ष लगातार बीजेपी और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर हमलावर है. सबसे बड़ी बात यह है कि SIT तो बना दी गई है और जांच भी चल रही है, लेकिन अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है. इस पर रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा है.

अखिलेश ने X पर पोस्ट करके SIT को ध्यान रखने को कहा, कहीं जांच रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए. उन्होंने कहा कि वे शायद 15 दिन और समय मांगेंगे, जिससे लगता है कि समय इसलिए बढ़ाया जा रहा है ताकि सबूतों को नष्ट या ठिकाने लगाया जा सके. गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर अखिलेश यादव के शुरुआती ट्वीट से भारी हंगामा हुआ और आरोपप्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया.

SIT ध्यान रखे कहीं जाँच की रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए।

फिर कहेंगे 15 दिन और इंतज़ार कर लो। दिन इसलिए बढ़ा रहे हैं, क्योंकि सबूत ठिकाने लगा रहे हैं।

— Akhilesh Yadav June 21, 2026

फिलहाल SIT टीम पूछताछ के बाद लखनऊ लौट गई है और अभी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे रही है. उम्मीद है कि टीम सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंप देगी.

140 पन्नों की जांच रिपोर्ट तैयार

जांच कर रही SIT शनिवार देर रात अयोध्या से लखनऊ के लिए रवाना हुई. मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट लगभग 140 पन्नों की है और इसमें मामले से जुड़े कई तथ्य और सबूतों का विवरण है. हालांकि, SIT के करीब 20 सपोर्ट स्टाफ सदस्य राम जन्मभूमि परिसर में ही रुके हुए हैं, जो और जानकारी जुटा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव से भी एक बार फिर पूछताछ की गई. बंद कमरे में हुई यह पूछताछ लगभग तीन घंटे तक चली और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई.

SIT रिपोर्ट के आधार पर होगा एक्शन

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, SIT के दस्तावेजों के आधार पर कई लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है. इस बात की भी संभावना है कि अगर दान पेटी को लेकर लापरवाही या अनियमितताएं साबित होती हैं, तो मंदिर के कुछ कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं. माना जा रहा है कि शासन स्तर से इस मामले पर जल्द ही बड़ा एक्शन लिया जा सकता है.