खूबसूरती का खतरनाक चेहरा! बर्फ से ढकी सड़कों पर फिसलन बनी जानलेवा, 24 घंटे में 23 लोग टूटे हाथ-पैर के साथ अस्पताल पहुंचे

पहाड़ों की रानी शिमला में ताजा बर्फबारी ने शहर की खूबसूरती तो बढ़ा दी है, लेकिन यह स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। जमा देने वाली ठंड के कारण सड़कों पर बर्फ की सख्त परत जम गई है। इस वजह से जगह-जगह भारी फिसलन हो रही है। पिछले 24 घंटों के भीतर ही बर्फ पर फिसलने से 23 लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचे हैं। शिमला में पैदल चलना भी अब जोखिम भरा हो गया है।

हड्डी टूटने से प्लास्टर चढ़ाने की नौबत
अस्पताल प्रशासन ने घायलों के आंकड़े जारी किए हैं। कुल 23 घायलों में से 12 लोगों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हालांकि, 6 लोगों को गंभीर चोटें लगी हैं। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। गिरने के कारण इनके हाथ या पैर में फ्रैक्चर हो गया है, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें प्लास्टर चढ़ाया है। इसके अलावा 5 अन्य घायल आईजीएमसी अस्पताल पहुंचे हैं। घायलों में बुजुर्गों के साथ-साथ युवा और महिलाएं भी शामिल हैं। शिमला के अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है।

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शीशे जैसी फिसलन बनी जानलेवा
डॉक्टरों का कहना है कि फिसलन के कारण अचानक संतुलन बिगड़ने से लोग गिर रहे हैं। इससे कमर और रीढ़ की हड्डी में भी चोट लग रही है। शहर के ढलान वाले रास्ते और सीढ़ियां सबसे ज्यादा खतरनाक हो गए हैं। कई जगहों पर बर्फ पिघलकर रात में दोबारा जम गई है। इससे सड़कों पर शीशे जैसी फिसलन (Black Ice) बन गई है। इस स्थिति में पैदल चलने वालों के अलावा गाड़ियों को भी शिमला की सड़कों पर भारी परेशानी हो रही है।

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घर से बाहर निकलने पर बरतें सावधानी
हालात को देखते हुए डॉक्टरों ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को बर्फीले रास्तों पर चलते समय ग्रिप वाले मजबूत जूते पहनने की सलाह दी गई है। ढलान वाले रास्तों से बचने और जल्दबाजी न करने को कहा गया है। बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। प्रशासन शिमला के मुख्य रास्तों से बर्फ हटा रहा है और रेत-नमक डाल रहा है। फिर भी खतरा अभी बना हुआ है।

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