भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लिए एक नई मौसमी गतिविधि का पूर्वानुमान जारी किया है। एक फरवरी से राज्य में बारिश और बर्फबारी का एक नया दौर शुरू होगा। इसके बाद आने वाले दिनों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी। विभाग ने निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य में मौसम शुष्क रहा। अधिकतम तापमान में वृद्धि देखी गई जो सामान्य से दो से तीन डिग्री अधिक था। लाहौल स्पीति के ताबो में सबसे कम न्यूनतम तापमान माइनस दस दशमलव दो डिग्री दर्ज किया गया। वहीं ऊना में सबसे अधिक अधिकतम तापमान चौबीस दशमलव दो डिग्री रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी अफगानिस्तान पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके साथ ही मध्य पाकिस्तान पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से नया बदलाव आएगा। दो फरवरी की रात से उत्तर पश्चिम भारत एक नए पश्चिमी विक्षोभ की चपेट में आएगा।
इसके बाद पांच फरवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इन सभी प्रणालियों के प्रभाव से राज्य के मौसम में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। एक फरवरी को राज्य भर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में कब और कहाँ होगी बारिश
इकतीस जनवरी और छह फरवरी को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। दो और तीन फरवरी को राज्य में कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश की संभावना है। चार और पांच फरवरी को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
इस दौरान तापमान में भारी गिरावट आएगी। अगले चौबीस घंटों के बाद न्यूनतम तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस की कमी आने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान अगले दो से तीन दिनों में चार से आठ डिग्री तक गिर सकता है।
तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने एक फरवरी के लिए एक विशेष मौसमी सलाह जारी की है। ऊना बिलासपुर हमीरपुर कांगड़ा मंडी शिमला और सोलन जिलों में कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका है। इन क्षेत्रों में चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
हवाओं की गति साठ किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वानुमान अवधि के शेष दिनों के लिए कोई बड़ी चेतावनी अभी जारी नहीं की गई है। विभाग ने सभी लोगों से आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।
पर्यटकों और किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन इलाकों में अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता है जहां बर्फबारी आंधी तूफान और घना कोहरा पड़ने की संभावना है। पिछले चौबीस घंटों में बिलासपुर में घने कोहरे की स्थिति देखी गई थी।
पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र में सर्दियों के मौसम में मौसम परिवर्तन का प्रमुख कारक है। यह भूमध्य सागर या अटलांटिक महासागर से उत्पन्न होते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग इनकी निगरानी लगातार करता रहता है। इस जानकारी के आधार पर समय पर चेतावनी जारी की जाती है।
मौसम में होने वाले इन बदलावों का असर सड़कों और हवाई यातायात पर पड़ सकता है। ऊंचाई वाले दर्रे बर्फबारी के कारण बंद हो सकते हैं। पर्यटकों को यात्रा की योजना बनाते समय नवीनतम मौसम अपडेट अवश्य देखने चाहिए। स्थानीय प्रशासन भी आपातकालीन सेवाएं तैयार रखता है।
कृषि पर भी मौसम के इस बदलाव का प्रभाव पड़ेगा। अचानक तापमान में गिरावट से फसलों को नुकसान हो सकता है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। किसानों को मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह पर अमल करना चाहिए। बागवानी विशेषज्ञ भी इस समय विशेष सलाह जारी करते हैं।
यह मौसम अपडेट जनवरी के अंतिम दिनों में जारी किया गया है। फरवरी का महीना हिमाचल में आमतौर पर बर्फबारी और ठंड के लिए जाना जाता है। इसलिए इस तरह के पूर्वानुमान सामान्य माने जाते हैं। हालांकि तापमान में अचानक आने वाली गिरावट सभी के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
शिमला स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र राज्य भर के स्टेशनों से डेटा एकत्र करता है। इस डेटा के विश्लेषण के आधार पर सटीक पूर्वानुमान तैयार किए जाते हैं। यह पूर्वानुमान राज्य के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी प्रदान किए जाते हैं। प्राधिकरण इनकी मदद से तैयारियों को अंतिम रूप देता है।
मौसम में बदलाव की यह श्रृंखला लगभग एक सप्ताह तक प्रभावी रहने की संभावना है। इस दौरान दिन और रात के तापमान में उतार चढ़ाव बना रहेगा। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों से बचें।
सर्दियों के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में गर्म कपड़े पहनना और शरीर को गर्म रखना जरूरी है। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। घर से बाहर निकलते समय मौसम की जानकारी अवश्य लें।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नए अपडेट आने पर तुरंत जनता तक पहुंचाए जाएंगे। विभाग की वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन पर नवीनतम जानकारी उपलब्ध रहती है। इन डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से हर कोई अप टू डेट रह सकता है।