हौसलों के आगे हारी बर्फ! चार फीट जमी बर्फ में तीन किलोमीटर पैदल चलकर दो कर्मचारियों ने गांव का पानी किया बहाल

हिमाचल प्रदेश के दुर्गम इलाकों में भारी हिमपात के बाद हालात अब भी सामान्य नहीं हैं। शिमला जिले के डोडरा क्वार क्षेत्र में चार फीट बर्फ जमी है। तापमान माइनस छह डिग्री सेल्सियस है। ऐसे में धंदरवाड़ी गांव के 300 लोगों के लिए पेयजल आपूर्ति ठप हो गई थी। जलशक्ति विभाग के दो कर्मचारियों ने बर्फ में तीन किलोमीटर पैदल चलकर पाइपलाइन मरम्मत कर पानी बहाल किया।

इन दोनों कर्मचारियों का नाम वीर मोहन और सुशील कुमार है। उनकी यह सेवा भरी कहानी इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है। चांशल घाटी के इस गांव में सटू सौर पेयजल योजना की पाइप टूट गई थी। एक पेड़ गिरने से पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा था। इससे पूरे गांव में पेयजल संकट पैदा हो गया था।

दोनों कर्मचारी बर्फ के बीच अपना रास्ता खोजते हुए आगे बढ़े। उनका आधा शरीर बर्फ में धंसा रहता था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने मरम्मत का सामान अपने साथ ले जाया। तीन किलोमीटर का यह सफर बेहद मुश्किल भरा था। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। रास्ते बर्फ के नीचे दबे हुए थे।

12 साल से सेवा दे रहे हैं वीर मोहन
दिलचस्प बात यह हैकि ये दोनों कर्मचारी अभी स्थायी नहीं हैं। वीर मोहन बतौर जलरक्षक 12 साल से सेवा दे रहे हैं। उन्हें महज 5600 रुपये मासिक मानदेय मिलता है। सुशील कुमार पैरा फिटर हैं और उन्हें 6600 रुपये प्रति माह मिलते हैं। इतनी कम आय के बावजूद उनका समर्पण प्रशंसनीय है।

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उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई। तीसरे दिन उन्होंने पानी की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी। गांव के लोगों के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान लौट आई। उनकी इस लगन ने पूरे गांव को राहत पहुंचाई। इस घटना ने प्रशासनिक सेवाओं में समर्पण का एक नया उदाहरण पेश किया है।

उपमुख्यमंत्री ने की तारीफ
हिमाचल प्रदेश केउपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दोनों कर्मचारियों के कार्य की सराहना की। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर इसका वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि यह जनसेवा और समर्पण की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने वीर मोहन और सुशील कुमार को कर्मवीर बताया।

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब सराहना मिल रही है। लोग दोनों की कड़ी मेहनत और लगन की प्रशंसा कर रहे हैं। उनके इस साहसिक कदम ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह घटना सर्दियों में दुर्गम इलाकों की चुनौतियों को भी उजागर करती है।

डोडरा क्वार क्षेत्र में हिमपात का स्तर इस बार काफी अधिक रहा। यहां का तापमान लगातार शून्य से नीचे बना हुआ है। ऐसे में राहत और बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। सड़कें और पैदल रास्ते बर्फ के नीचे दब गए हैं। इससे आवागमन बहुत मुश्किल हो गया है।

हिमाचल में मौसम का हाल
हिमाचल प्रदेश केऊंचाई वाले इलाकों में इस मौसम में भारी बर्फबारी हुई है। राज्य का मौसम विभाग लगातार अलर्ट जारी कर रहा है। कई जिलों में सड़कें बंद हैं। बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

धंदरवाड़ी गांव की यह घटना दर्शाती है कि सरकारी कर्मचारी कितनी मुश्किल परिस्थितियों में काम करते हैं। उनकी यह सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणादायक है। यह दिखाता है कि छोटे पद पर भी बड़े कार्य संभव हैं। जनता की सेवा का ऐसा जज्बा सचमुच कम देखने को मिलता है।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों कर्मचारियों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि उनके बिना गांव में पानी का संकट गहरा सकता था। ऐसे में उनका तत्परता से काम आना बहुत महत्वपूर्ण था। यह कहानी सामाजिक दायित्व की भावना को मजबूत करती है।

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