हिमाचल प्रदेश पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार किलोग्राम से अधिक चरस की खेप पकड़ी है। पुलिस ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर बलोह टोल प्लाजा के पास एक कार को रोका था। इस कार के डिग्गी से पुलिस ने 4.053 किलोग्राम चरस बरामद की। यह चरस एक भूरे रंग के बैग में छिपाकर रखी गई थी।
इस मामले में एक पति और पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी टेक सिंह और उसकी पत्नी प्रेमलता कुल्लू जिले के बंजार क्षेत्र के रहने वाले हैं। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। उनकी कार का नंबर एचपी-01के-9160 था। यह कार पंजाब की ओर जा रही थी। पुलिस का मानना है कि यह नशीला पदार्थ पंजाब पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
पुलिस की नाकाबंदी में हुआ खुलासा
घुमारवींथाना पुलिस की एक टीम ने मंडी की ओर से आ रहे वाहनों की जांच कर रही थी। उन्होंने एक सस्पैक्ट स्विफ्ट डिजायर कार को रोककर उसकी तलाशी लेने का फैसला किया। तलाशी के दौरान पुलिस को कार के डिग्गी में संदेह हुआ। डिग्गी खोलने पर वहां से एक बड़ी मात्रा में चरस मिली।
इतनी बड़ी मात्रा में चरस की बरामदगी ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय लोग भी इस घटना से चौंक गए हैं। पुलिस के लिए यह एक बड़ी कामयाबी है। इससे राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को मजबूती मिली है।
आरोपियों पर दर्ज किया गया मामला
पुलिस नेदोनों आरोपियों के खिलाफ घुमारवीं थाने में मामला दर्ज कर लिया है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का फोकस अब इस नशा तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह से उजागर करने पर है। वे पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह चरस कहां से आई और कहां तक पहुंचनी थी।
बिलासपुर के एसपी संदीप धवल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। इस जांच में नशे की तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क का पता चल सकता है।
नशे के खिलाफ जारी है पुलिस की कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश पुलिस लगातार नशेके खिलाफ अभियान चला रही है। ऐसे मामलों में पुलिस सख्त कार्रवाई करती है। इस घटना से पता चलता है कि तस्कर नए तरीके अपना रहे हैं। वे चीजों को छिपाने के लिए वाहनों के गुप्त स्थानों का इस्तेमाल करते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसी जांच जारी रहेगी। उनका उद्देश्य राज्य को नशे के कारोबार से मुक्त कराना है। आम जनता से भी सहयोग की अपील की गई है। लोगों को किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।
इस तरह की घटनाएं समाज के लिए एक चेतावनी हैं। नशा तस्करी न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि यह युवाओं के भविष्य को भी बर्बाद कर रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से तस्करों के बीड अफरा-तफरी मच गई है। अब उनके लिए राज्य में नशा पहुंचाना मुश्किल होगा।