राजस्थान : कुचामन फिर गैंगस्टरों के निशाने पर? विदेशी नंबरों से रंगदारी कॉल, भाजपा नेता तक पहुंची धमकी

राजस्थान :  साल 2025 में रंगदारी कॉल और कारोबारी रमेश रुलानियां की हत्या से दहला डीडवाना कुचामन जिले का कुचामन शहर नए साल 2026 की शुरुआत में एक बार फिर दहशत के साये में है। विदेशी नंबरों से धमकी भरे वॉइस कॉल और वॉइस मैसेज का सिलसिला दोबारा शुरू हो गया है। बीते एक सप्ताह में शहर के तीन लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए रंगदारी की धमकियां मिलने की जानकारी सामने आई है.

ताजा मामला शनिवार को सामने आया, जब डीडवाना–कुचामन जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं नागौर देहात जिला अध्यक्ष विजय सिंह पलाड़ा को भी विदेशी नंबर से धमकी भरे वॉइस मैसेज मिले।

एक के बाद एक तीन वॉइस नोट, खुली धमकी

सूत्रों के अनुसार, शनिवार शाम विजय सिंह पलाड़ा को एक के बाद एक तीन वॉइस नोट प्राप्त हुए। खुद को वीरेंद्र चारण बताने वाले व्यक्ति ने वॉइस मैसेज पर खुली धमकी दी और सुखदेव सिंह गोगामेडी तथा कुचामन के कारोबारी रमेश रुलानियां जैसा अंजाम भुगतने की बात कही। साथ ही “सहयोग” के नाम पर रंगदारी की मांग करते हुए एक दिन में जवाब देने को कहा गया.

वॉइस कॉल और वॉइस मैसेज विदेशी नंबरों से किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विजय सिंह पलाड़ा शनिवार देर शाम कुचामन थाने पहुंचे और पुलिस को रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर कुचामन पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

पिछले साल का खौफ अभी भी ताजा

गौरतलब है कि साल 2025 में भी कुचामन के कारोबारियों को विदेशी नंबरों से रंगदारी वॉइस कॉल और वॉइस मैसेज आए थे। उस समय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धमकी प्रकरण में सहयोग करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
लेकिन इसी घटनाक्रम के बीच 7 अक्टूबर 2025 को कारोबारी रमेश रुलानियां की जिम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। बाद में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर साजिश का खुलासा किया.

फिर बढ़ी चिंता, पुलिस जांच में जुटी

अब 2026 की शुरुआत में फिर उसी तरह की धमकियों का सामने आना शहरवासियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर कुचामन ही बार-बार गैंगस्टरों के निशाने पर क्यों आ रहा है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। पहले रंगदारी कॉल और मैसेज, फिर हत्या और अब फिर से धमकियों का दौर—इन घटनाओं ने व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। साइबर सेल विदेशी नंबरों की ट्रैकिंग में जुटी है और कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट तथा वॉइस मैसेज की तकनीकी जांच की जा रही है.
फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान आना बाकी है, लेकिन शहर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

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