इस वैलेंटाइन डे 3 गुना बढ़ी कंडोम की डिमांड, 2025 का रिकॉर्ड टूटा, दिल्ली-मुंबई को पीछे छोड़ ये शहर निकला आगे

Valentines Day 3 Times Increase In Condom Demand 2025 Record Broken This City Surpasses Delhi Mumbai

Consumer Trends on Valentine Day 2026: भारत तेजी से बदल रहा है और यह बदलाव अब लोगों की पसंद और खरीदारी के तरीकों में भी साफ दिखाई दे रहा है। साल 2026 के वैलेंटाइन वीक के दौरान सामने आए आंकड़े देश में बढ़ती जागरूकता और बदलती सोच की झलक देते हैं। जहां कभी इस अवसर पर केवल फूल और चॉकलेट्स की चर्चा होती थी, वहीं इस बार सेक्सुअल वेलनेस और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स की बिक्री ने नए रिकॉर्ड बना दिए।

3 गुना बढ़ी कंडोम की डिमांड

क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (जैसे Swiggy Instamart) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक 7 से 14 फरवरी के बीच सेक्सुअल वेलनेस प्रोडक्ट्स की डिमांड में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार, 2026 में वैलेंटाइन डे पर 2025 की तुलना में तीन गुना ज्यादा कंडोम और इंटिमेसी प्रोडक्ट्स ऑर्डर किए गए। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अब लोग इन विषयों को ‘टैबू’ मानकर छिपाने के बजाय अपनी सेहत, सुरक्षा और रिश्तों को लेकर अधिक जागरूक और खुलकर निर्णय ले रहे हैं।

ब्यूटी और पर्सनल केयर पर भी खुलकर खर्च

वेलनेस के साथ-साथ इस वैलेंटाइन डे पर लोगों ने खुद को संवारने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। ब्यूटी और पर्सनल केयर कैटेगरी में कुछ दिलचस्प ऑर्डर सामने आए-

  • Cuttack: यहां एक ग्राहक ने एक ही ऑर्डर में 15,093 रुपये का मेकअप सामान मंगवाया।
  • Surat: एक यूजर ने बाथ, बॉडी और हेयर केयर प्रोडक्ट्स पर 10,845 रुपये खर्च किए।

ये आंकड़े बताते हैं कि अब सिर्फ गिफ्ट देने का दिन नहीं, बल्कि खुद की देखभाल और सेल्फ-केयर का भी अवसर बनता जा रहा है।

चॉकलेट और टेडी का जादू बरकरार

हालांकि वेलनेस प्रोडक्ट्स की बिक्री में उछाल देखने को मिला, लेकिन पारंपरिक रोमांटिक गिफ्ट्स का आकर्षण अब भी कायम है। में एक व्यक्ति ने अकेले 25,000 रुपये की चॉकलेट्स ऑर्डर कर सबको चौंका दिया।

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टेडी डे पर सॉफ्ट टॉय की बिक्री में 568% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं वैलेंटाइन कार्ड भेजने के मामले में Bengaluru ने Delhi, Mumbai और Hyderabad जैसे महानगरों को पीछे छोड़ दिया। कुल मिलाकर, वैलेंटाइन वीक 2026 के ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि भारत में रिश्तों को लेकर सोच बदल रही है—जहां परंपरा और आधुनिकता दोनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।

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