
महाराष्ट्र के भिवंडी में भारतीय जनता पार्टी के नगर सेवकों ने विद्रोह किया है। इस वजह से पार्टी को हार झेलनी पड़ी है। बीजेपी नेता नारायण चौधरी की लीडरशिप में नौ पार्षदों ने भाजपा से बगावत कर दूरी बना ली और ये सभी काउंसलर कांग्रेस के सपोर्ट वाले ‘भिवंडी सेक्युलर फ्रंट’ के करीब चले गए और फिर उनके लीडर नारायण चौधरी मेयर चुन लिए गए। नारायण चौधरी को कुल 48 वोट मिले। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। अब महाराष्ट्र के रेवेन्यू मिनिस्टर एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि जिन नगर सेवकों ने विद्रोह किया है, उन पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कड़ी कार्रवाई करेंगे।
बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार पूरी तरीके से एसआईआर के लिये चुनाव आयोग की मदद करेगी, जितना भी फाइनेंस लगता वह महाराष्ट्र सरकार देगी। बांग्लादेश की घुसपैठियों पर बोगस आधार कार्ड बनाकर जो मतदान सूची में नाम करते हैं। रेजिडेंट सर्टिफिकेट बनकर जो लोग यहां पर रहते हैं उन पर पाबंदी आएगी। इस दौरान उन्होंने इम्तियाज जलील पर भी निशाना साधा और कहा कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
महाराष्ट्र सहित 22 राज्यों में एसआईआर लागू करने के संबंध में महाराष्ट्र के रेवेन्यू मिनिस्टर बावनकुले ने कहा कि एसआईआर लागू करना बहुत जरूरी था। दो बार, तीन बार ,चार बार मतदान सूचियां में नाम है। पारदर्शी मतदाता सूची हम लोग ने मांग की है। कई बार हाई कोर्ट भी गए हैं, जिस तरीके से चुनाव आयोग ने एसआईआर लागू करने की बात की है। यह पारदर्शी चुनाव कराने के लिए बहुत बड़ा कदम है। एसआईआर के बाद जो नाम काटेंगे वह सब निकल जाएंगे, तो हमें अच्छी लिस्ट मिलेगी। वह सभी पार्टियों के लिए सुलभ हो जाएगा। यह बहुत बड़ा कदम है।
महाराष्ट्र रेलवे मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार पूरी तरीके से SIR के लिये चुनाव आयोग की मदद करेगी, जितना भी फाइनेंस लगता वह महाराष्ट्र सरकार देगी। बांग्लादेश की घुसपैठियों पर बोगस आधार कार्ड बनाकर जो मतदान सूची में नाम करते हैं। रेजिडेंट सर्टिफिकेट बनकर जो लोग यहां पर रहते हैं उन पर पाबंदी आएगी। बांग्लादेशी जो यहां पर आकर बैठे हैं, उन पर कार्रवाई करने के लिए ठीक हो जाएगा।
AIMIM के नेता इम्तियाज जलील ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की तुलना आतंकवादी कसाब की है। इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर बावनकुले कहा कि इम्तियाज जलील को अकल नहीं है ,बेकल आदमी है, उनका जो बयान है। मेंटल हॉस्पिटल में डालना चाहिए, उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, उन लोगों को लग रहा है कि 2047 तक सरकार में, देश कहीं पर भी हिस्सा मिल नहीं सकता। कहीं वह सत्ता में आ नहीं सकते ,इसलिए बौखला गए हैं, बौखला कर बातें कर रहे हैं ,इस बातों से कुछ भी फर्क नहीं पड़ने वाला।
पुणे मुंढवा जमीन घोटाले पर खरगे समिति के संबंध में उन्होंने कहा कि रिपोर्ट अभी लिफाफा सील बंद है। इसे पढ़ने के बाद आगे का एक्शन किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी लिफाफा खोलकर जो भी प्रक्रिया रहेगा, जो सिफारिश से आगे उस पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।