Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति लागू कर दी है, जिसमें नियमों को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है। अब शादी, बैंक्वेट हॉल या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में बिना लाइसेंस शराब परोसना महंगा साबित हो सकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अधिकतम 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाना और राजस्व बढ़ाना है।
🍾 शादी और आयोजनों के लिए सख्त नियम
नई नीति के तहत अगर किसी मैरिज पैलेस, धर्मशाला या किसी कमर्शियल स्थल पर बिना अनुमति शराब परोसी जाती है, तो पहली बार में 50 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। दूसरी बार यह बढ़कर 75 हजार और तीसरी बार 1 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा। इसके साथ ही होटल और बार के लाइसेंस शुल्क में भी 10 से 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, होलसेल लाइसेंस (L-1 और L-13) की फीस 40 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है।
🚫 ओवररेटिंग पर सख्ती
सरकार ने शराब की ओवररेटिंग पर भी कड़ा रुख अपनाया है। अगर कोई ठेकेदार निर्धारित कीमत (MRP) से ज्यादा या कम दाम पर शराब बेचता पाया गया, तो उसका ठेका तुरंत सील कर दिया जाएगा। पहली गलती पर एक दिन, और दूसरी बार पकड़े जाने पर दो दिन के लिए दुकान बंद रहेगी। इसके अलावा, बिना परमिट अतिरिक्त स्टॉक रखने पर 3 लाख रुपये तक का जुर्माना और माल जब्त करने का प्रावधान है।
🍺 कितनी शराब रख सकते हैं आप?
नई नीति के अनुसार आम व्यक्ति 750 एमएल की 6 बोतलें या 1000 एमएल की 5 बोतलें अपने साथ रख सकता है। बीयर के लिए 650 एमएल की 24 बोतलें या 5 लीटर के तीन कैन की अनुमति दी गई है। हालांकि, बड़े सामाजिक कार्यक्रमों के लिए विशेष परमिट लेकर इस सीमा को बढ़ाया जा सकता है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध शराब की बिक्री वाले क्षेत्रों में अब स्थानीय निकाय की अनुमति के बिना भी ठेके खोले जा सकेंगे, ताकि अवैध कारोबार पर नियंत्रण पाया जा सके।