
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मानसून की रफ्तार थोड़ी कमजोर पड़ी है। हालांकि, कमजोर मानसून के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। आगमी दिनों में ओर कमजोर पड़ने का अनुमान है। प्रदेश में 128 सड़कें, 18 बिजली ट्रांसफार्मर और 52 पेयजल योजनाएं अब भी बाधित हैं।
राज्य में सबसे ज्यादा प्रभाव मंडी और कुल्लू जिलों में देखने को मिला है। मंडी में अकेले 52 सड़कें बंद हैं, जिनमें से सिराज उपमंडल में ही 35 मार्ग बंद हैं। वहीं कुल्लू में 43 सड़कें बंद हैं।
मंडी के सरकाघाट और सुंदरनगर में 15 ट्रांसफार्मर खराब हैं। हमीरपुर जिले में पानी का संकट गहराया हुआ है, जहां 46 पेयजल योजनाएं ठप हैं। राज्य में 21 और 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा हो सकती है।
तापमान में उछाल
मानसून पड़ा कमजोर होने की वजह से कई स्थानों पर तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऊना में अधिकतम तापमान 34 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे गर्म रहा। वहीं, केलांग में सबसे कम 10.5 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। प्रदेश में बीते चौबीस घंटों के दौरान नहीं में 13 मिलीमीटर, पांवटा में 12 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।



