
मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है. दुबई जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर में भी बेचैनी का माहौल है. हाल ही में एक भारतीय कारोबारी ने अपनी मां के व्हॉट्सएप संदेश साझा किए, जो दुबई में रहती हैं. इन संदेशों में हमलों के बीच उनका डर साफ झलकता है. यूएई अधिकारियों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम करने की बात कही है, लेकिन लोगों की चिंता अभी कम नहीं हुई है.
ड्रोन हमलों के बीच बढ़ती चिंता
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ा है. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी कई ठिकानों को निशाना बनाया. खबरें आईं कि दुबई एयरपोर्ट और बुर्ज अल अरब जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर खतरा मंडराया. इन सूचनाओं ने वहां रह रहे लोगों की नींद उड़ा दी. रातभर धमाकों और सायरन की आवाजों ने माहौल को और भयावह बना दिया.
मां का भावुक संदेश वायरल
हांगकांग में रहने वाले भारतीय व्यवसायी प्रकाश ददलानी ने अपने परिवार के व्हॉट्सएप ग्रुप का स्क्रीनशॉट साझा किया. उनकी मां ने लिखा, 'अब तो बहुत डर लग रहा है, इसका कोई अंत नहीं.' एक अन्य संदेश में उन्होंने घर के पीछे धमाके जैसी आवाज सुनने की बात कही. इन शब्दों ने हजारों लोगों को भावुक कर दिया और सोशल मीडिया पर यह संदेश तेजी से फैल गया.
Dubai is one of the safest cities in the World.
Never imagined my family chat would look like this one day.— Prakash Dadlani (@prakdadlani) February 28, 2026
यूएई का दावा और हालात
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि कई मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया. अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन के टुकड़ों से बुर्ज अल अरब होटल में हल्की आग लगी, जिसे तुरंत बुझा दिया गया. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। जेबेल अली पोर्ट पर भी मलबा गिरने से आग लगी थी, लेकिन उसे नियंत्रित कर लिया गया. किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
सुरक्षित शहर में असुरक्षा की भावना
दुबई को लंबे समय से दुनिया के सुरक्षित शहरों में गिना जाता रहा है. वहां रहने वाले प्रवासी हमेशा खुद को सुरक्षित महसूस करते थे. लेकिन हालिया घटनाओं ने लोगों के मन में अनिश्चितता भर दी है. परिवार अपने प्रियजनों से लगातार संपर्क में हैं और हर नई खबर पर नजर रखे हुए हैं.
आगे क्या होगा?
सरकारी बयान स्थिति को नियंत्रण में बताते हैं, लेकिन आम नागरिकों की चिंता अभी भी बनी हुई है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि क्षेत्रीय तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर आर्थिक और सामाजिक जीवन पर भी पड़ सकता है. फिलहाल, लोग शांति की उम्मीद में हैं और प्रार्थना कर रहे हैं कि हालात जल्द सामान्य हों.