भारतीय जनता पार्टी विधायक सुधीर शर्मा आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूछताछ के लिए शिमला विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे. करीब दो घंटे तक विजिलेंस अधिकारियों ने सुधीर शर्मा से पूछताछ की. सुधीर शर्मा को आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूछताछ के लिए विजिलेंस मुख्यालय बुलाया गया था. सुधीर शर्मा के विजिलेंस मुख्यालय पहुंचने के विरोध स्वरूप बीजेपी विधायक भी वहां पहुंचे.

पूरी पूछताछ के दौरान बीजेपी विधायक विजिलेंस मुख्यालय में ही मौजूद रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि सुधीर शर्मा दो साल पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे. उसके बाद से सूक्खु सरकार उन पर मामले बना रही है.

विधायक सुधीर शर्मा ने लगाया आरोप

पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि पहली बार देखने को मिला है कि विधानसभा सत्र के दौरान किसी विधायक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का काम कर रही है और यह ज्यादा देर तक नहीं चलेगा.

विजिलेंस मुख्यालय क्यों बुलाया गया?

सुधीर शर्मा ने कहा कि किसी सिटिंग विधायक को पूछताछ के लिए बुलाने से पहले विधानसभा को सूचना देनी होती है. उन्होंने कहा कि पिछली तारीख में विधानसभा को इसकी सूचना दी गई थी. सुधीर शर्मा ने सवाल उठाया कि जब केस और जांच अधिकारी दोनों धर्मशाला में हैं, तो उन्हें विजिलेंस मुख्यालय क्यों बुलाया गया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है.

किसी संवैधानिक पद पर नहीं रहे मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि पहले भी जांच एजेंसी को जानकारी दी गई थी और अब भी पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं. विधायक सुधीर शर्मा ने जांच में प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद विधायक के अलावा किसी संवैधानिक पद पर नहीं रहे हैं, इसलिए जो मन में आता है, बोल देते हैं. सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को लगता है कि संवैधानिक पद पर बैठा हर व्यक्ति लूटखसोट करता है. उन्होंने कहा कि जनता इन सारी बातों का जवाब देगी.