संभल जाइए! आसमान से बरसेगा कहर: हिमाचल में 6 दिन तक नहीं मिलेगी राहत. तेज तूफान, ओले और भारी बारिश का डबल अटैक

शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और आने वाले 6 दिनों तक लोगों को भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार आज और कल प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ तूफान और ओलावृष्टि की संभावना है। खास तौर पर चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां मौसम के अधिक गंभीर होने की चेतावनी दी गई है।

इसके अलावा किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर बाकी लगभग 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहेगा, हालांकि खतरे का स्तर अपेक्षाकृत कम बताया गया है।

मौसम विभाग ने बताया कि निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों—जैसे लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू के ऊपरी हिस्सों—में बर्फबारी की संभावना है। कई जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था बाधित होने का खतरा बना हुआ है।

पूर्वानुमान के अनुसार 8 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम लगातार खराब बना रहेगा। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। 5 से 7 अप्रैल के बीच भले ही कोई बड़ा अलर्ट न हो, लेकिन मौसम साफ रहने की संभावना कम है। वहीं 8 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के और सक्रिय होने से फिर भारी बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बढ़ सकता है।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। लाहौल-स्पीति क्षेत्र में अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल के आसपास पर्यटन गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है, क्योंकि यहां हिमस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।

लगातार खराब मौसम के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है और अगले कुछ दिनों में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आने की संभावना है।

इस बदलते मौसम ने किसानों और बागवानों की चिंता भी बढ़ा दी है। इस समय सेब की फसल में फूल आने का दौर चल रहा है, जो बेहद संवेदनशील अवस्था होती है। ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका भी गहरा गई है।

Leave a Reply