Massive Fire in Hapur Slum: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में भीषण आग के तांडव में 70 झुग्गियां जलकर राख हो गईं. पिलखुवा थाना क्षेत्र में मोदीनगर रोड स्थित एक कपड़ा फैक्ट्री के पास बनी झुग्गी बस्ती में सुबह भीषण आग लग गई. आग लगने के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई. कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 70 झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया. आग आसपास के गोदामों और फैक्ट्रियों तक फैल गई. इससे आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया. सूचना के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं.

Fire in Hapur: हापुड़ में भीषण आग का तांडव! 70 झुग्गियां राख… दो फैक्ट्रियां भी जलीं
Fire in Hapur: हापुड़ में भीषण आग का तांडव! 70 झुग्गियां राख… दो फैक्ट्रियां भी जलीं

हापुड़ से पिलखुवा के अर्जुननगर की दूरी करीब 10 किलोमीटर है और जो भीषण आग लगी थी, उसका काले धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर तक देखा गया. भीषण आग के कारण आसमान में काला धुआं ही नजर आ रहा था.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे झुग्गियों से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें उठने लगीं. झुग्गियों में रखी प्लास्टिक, पॉलिथीन, लकड़ी और कबाड़ जैसे ज्वलनशील पदार्थों ने आग को और भड़काया, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई. आग की लपटें पास स्थित गायत्री लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट, यूनाइटेड ट्रांसपोर्ट और एक जींस सिलाई फैक्ट्री तक पहुंच गईं. गोदामों में रखा भारी मात्रा में कपड़ा जलकर राख हो गया.

जानकारी के अनुसार, एक गोदाम में करीब 800 गांठ और दूसरे में लगभग 250 गांठ माल रखा था, जो पूरी तरह नष्ट हो गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया. करीब आठ दमकल गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग बुझाने के दौरान पूरे इलाके में धुएं का गुबार छाया रहा, जिससे आसपास के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से झुग्गियों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. हालांकि आग में झुग्गियों में रखा घरेलू सामान, कपड़े, नकदी और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है. मौके पर पहुंचीं क्षेत्राधिकारी अनीता चौहान ने राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए. उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, मामले की जांच की जा रही है.

प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि वास्तविक क्षति का आकलन किया जा रहा है. गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.

पीड़ितों के पुनर्वास की चुनौती

घटना के बाद प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की चुनौती खड़ी हो गई है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ितों को आर्थिक सहायता और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है. वहीं, दमकल विभाग आग लगने के कारणों की गहन जांच में जुटा हुआ है.

झुग्गीझोपड़ियों में रहने वाले लोग मेहनतमजदूरी कर अपने परिवार का पालनपोषण करते थे और सैकड़ों परिवार इस पर निर्भर थे. जानकारी के अनुसार, कई लोग वोट देने के लिए पश्चिम बंगाल गए हुए थे, तभी सुबह उनकी झोपड़ियों में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई, जिससे उनके जरूरी दस्तावेज भी जलकर राख हो गए.

आग आसपास की फैक्ट्रियों तक भी पहुंच गई और इस भीषण हादसे में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है. आग लगने के कारणों की जांच में दमकल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जुटे हुए हैं.