इस गर्मी में आइसक्रीम और चॉकलेट जैसी मीठी चीजें आपकी जेब पर भारी पड़ सकती हैं. पश्चिम एशिया में जारी भूराजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में आई रुकावटों की वजह से कंपनियों की लागत बढ़ रही है, जिसका असर अब कीमतों पर दिखने लगा है.

कच्चे माल के दाम में तेज उछाल
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक, ड्राय फ्रूट्स, नट्स और कोको जैसे जरूरी कच्चे माल के दाम 1522% तक बढ़ गए हैं. ये सभी चीजें आइसक्रीम और चॉकलेट के स्वाद और क्वालिटी के लिए बेहद जरूरी होती हैं. ऐसे में लागत बढ़ने से कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ गया है.
लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग भी महंगी
सिर्फ कच्चा माल ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग की लागत भी बढ़ गई है. समुद्री रास्तों से आने वाली सप्लाई प्रभावित होने के कारण सामान की डिलीवरी में देरी हो रही है, जिससे कंपनियों के लिए खर्च संभालना मुश्किल हो गया है.
कंपनियों ने शुरू की कीमतों में बढ़ोतरी
Naturals Ice Cream ने पहले ही अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में औसतन 10% तक बढ़ोतरी कर दी है. कंपनी के डायरेक्टर सिद्धांत कामथ का कहना है कि ड्राय फ्रूट्स और कोको की सप्लाई में कमी और देरी से लागत बढ़ी है.
वहीं Mother Dairy ने भी अपने कुछ आइसक्रीम प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाए हैं. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर जयतीर्थ चारी के मुताबिक, यह फैसला ग्लोबल कमोडिटी कीमतों और बढ़ते लॉजिस्टिक्स खर्च के कारण लिया गया है.
मुनाफे पर दबाव, कीमत बढ़ाना मजबूरी
Dinshaw’s Dairy Foods के डायरेक्टर जर्विन राणा का कहना है कि इस समय सबसे ज्यादा असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ रहा है. ऐसे में कीमत बढ़ाना लगभग जरूरी हो गया है.
आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें
फिलहाल कंपनियां पूरी लागत ग्राहकों पर नहीं डाल रही हैं, लेकिन अगर सप्लाई में दिक्कत जारी रही, तो आने वाले समय में आइसक्रीम और चॉकलेट के दाम और बढ़ सकते हैं. कुल मिलाकर, इस गर्मी में मीठा खाना थोड़ा महंगा पड़ सकता है और उपभोक्ताओं को इसके लिए तैयार रहना होगा.



