पिछले तीन दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने हरदोई से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मचा दिया है. हरदोई के सनबीम इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा द्वारा एक महिला अभिभावक की सरेआम बेइज्जती करने के मामले में अब प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है. मामले में FIR दर्ज की गई है. साथ ही स्कूल की मान्यता रद्द करने की भी प्रक्रिया शुरू हो गई है. पीड़ित महिला के आंसुओं ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया, जिसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग और पुलिस, दोनों ही फ्रंट फुट पर नजर आ रहे हैं.

हरदोई: 1 मिनट में 10 बार Shut Up बोलने वाली प्रिंसिपल पर FIR, स्कूल पर भी लगेगा ताला
हरदोई: 1 मिनट में 10 बार Shut Up बोलने वाली प्रिंसिपल पर FIR, स्कूल पर भी लगेगा ताला

पीड़ित महिला अभिभावक नीलम वर्मा ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी अलीशा के लिए स्कूल के निर्देशानुसार बाहर से कोर्स खरीद लिया था. इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने 1200 रुपये की अतिरिक्त चार कॉपियां स्कूल से ही खरीदने का दबाव बनाया. नीलम जब प्रिंसिपल ममता मिश्रा से 10 दिन की मोहलत मांगने गईं, तो प्रिंसिपल ने आपा खो दिया.

वायरल वीडियो में प्रिंसिपल ममता मिश्रा, नीलम को 10 से ज्यादा बार “Shut Up” कहती सुनाई दे रही हैं. आरोप है कि उन्होंने नीलम को ब्लडी फूल, सूअर और गंवार जैसे शब्दों से भी संबोधित किया.

48 घंटे के भीतर FIR और SCST एक्ट में मुकदमा

वीडियो वायरल होने के बाद जब मामला तूल पकड़ने लगा, तो प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने भी इस पर संज्ञान लिया. इसके 48 घंटे के भीतर हरदोई शहर कोतवाली में प्रिंसिपल ममता मिश्रा के विरुद्ध SCST एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला पंजीकृत कर लिया गया है और विधिक कार्रवाई प्रचलित है.

प्रिंसिपल के स्कूल जाने पर रोक, मान्यता पर लटकी तलवार

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया. जांच में प्रिंसिपल का आचरण और विद्यालय की कार्यप्रणाली मानकों के विपरीत पाई गई. बीएसए के आदेशानुसार प्रिंसिपल ममता मिश्रा के विद्यालय परिसर में प्रवेश पर तत्काल रोक लगा दी गई है. स्कूल द्वारा कॉपियों के लिए बनाए जा रहे अवैध दबाव और अभद्र व्यवहार के कारण विद्यालय की मान्यता रद्द करने की कवायद शुरू कर दी गई है. BSA अजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों के साथ इस तरह का व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह मामला अन्य निजी स्कूलों के लिए भी एक बड़ी नजीर बनेगा.