दिग्गज कोरियोग्राफर सरोज खान ने बॉलीवुड के कई सितारों को डांस की बारीकियां सिखाईं। उनके शिष्यों में गोविंदा का नाम भी शामिल है, जिन्हें उन्होंने मुफ्त में काम सिखाया था। मगर गोविंदा भी अपने गुरु की दक्षिणा चुकाने में पीछे नहीं हटे।

‘बोलना उनका बेटा आया था’, जब सरोज खान के इलाज के लिए गोविंदा ने की थी 4 लाख रुपये की मदद
‘बोलना उनका बेटा आया था’, जब सरोज खान के इलाज के लिए गोविंदा ने की थी 4 लाख रुपये की मदद

गोविंदा के डांस स्टेप्स और अंदाज आज भी फैंस के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि संघर्ष के दिनों में गोविंदा के पास डांस सीखने के लिए पैसे नहीं थे और उस समय सरोज खान ने उन्हें मुफ्त में ट्रेनिंग दी थी। इस बात का खुलासा खुद सरोज खान ने एक पुराने इंटरव्यू में किया था।

सरोज खान ने बताया था कि शुरुआती दिनों में गोविंदा आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। तब उन्होंने बिना फीस लिए उन्हें डांस सिखाया। बाद में जब गोविंदा सफल हुए तो उन्होंने गुरु दक्षिणा देकर अपना वादा निभाया।

सरोज खान ने अपने इंटरव्यू में गोविंदा के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद किया था। उन्होंने कहा था, “गोविंदा जी ने मुझे शुरुआतद में ही कह दिया था, ‘मास्टर जी, मैं विरार से बिना टिकट के आया हूं और मेरे पास आपको देने के लिए पैसे नहीं हैं।’ मैंने उन्हें कहा कि क्या मैंने आपसे पैसे मांगे? जब आप स्टार बन जाएंगे तब मैं मांगूंगी। वो मान गए और बाद में उन्हें ब्रेक मिला।”

उन्होंने आगे बताया कि जब को काम मिला तो उन्होंने वादा निभाया। सरोज खान ने कहा, “एक दिन एक 10 साल का बच्चा मेरे पास आया और उसने मुझे एक लिफाफा दिया। मैं स्टूडियो में बैठी थी। उसने मुझे पूछा कि क्या आप सरोज खान हैं और मैंने बताया कि हां मैं ही सरोज खान हूं। उसने मुझे एक लिफाफा दिया और कहा कि ये चीची भैया ने दिया है। उस पर गुरु दक्षिणा लिखा था और उसमें 24,000 रुपये थे। उसके साथ लिखा था, ‘अब मैं गुरु दक्षिणा दे सकता हूं’।”

सरोज खान ने यह भी बताया था कि गोविंदा ने सिर्फ गुरु दक्षिणा ही नहीं दी, बल्कि मुश्किल वक्त में उनका साथ भी निभाया। उन्होंने कहा, “वक्त बीता और मैं ‘देवदास’ का ‘डोला रे डोला’ कर रही थी और मैं बहुत बीमार पड़ गई। मैं अस्पताल में भर्ती हुई और डॉक्टरों ने कह दिया कि इन्हें बचाया नहीं जा सकता। उस वक्त गोविंदा रात में आए और मेरी बड़ी बेटी को एक पार्सल दिया और उसे कहा, ‘सरोज जी से कहना उनका बेटा आया था।’ उस पार्सल में मेरे इलाज के लिए 4 लाख रुपये थे। ये उनकी परवरिश है। मेरी अकादमी भी गोविंदा की वजह से ही खुल पाई है।” बता दें कि यह सरोज खान का पुराना इंटरव्यू था। Saroj Khan का साल 2020 में 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।