भारत की सबसे बड़ी पैसेंजर कार बनाने वाली कंपनी, मारुति सुजुकी इंडिया ने मंगलवार को मार्च तिमाही के लिए अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में सालदरसाल 7 फीसदी की गिरावट दर्ज की. यह प्रॉफिट 3,591 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 3,857 करोड़ था. इसकी मुख्य वजह कच्चे माल की बढ़ती कॉस्ट का कमाई पर पड़ा असर था. तिमाही के लिए कंपनी का ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू 52,449 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 40,910 करोड़ रुपए से 28 फीसदी ज्यादा है. ब्रेजा और ग्रैंड विटारा बनाने वाली इस कंपनी का PAT स्ट्रीट के अनुमान 4,279 करोड़ रुपए से कम रहा, हालांकि रेवेन्यू विश्लेषकों की उम्मीद 51,486 करोड़ रुपए से ज्यादा देखने को मिला.

आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया? मारुति का रेवेन्यू 28% उछला, फिर भी नेट प्रॉफिट में लगी सेंध, यहां देखें पूरी रिपोर्ट
आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया? मारुति का रेवेन्यू 28% उछला, फिर भी नेट प्रॉफिट में लगी सेंध, यहां देखें पूरी रिपोर्ट

4400 करोड़ के डिविडेंड का ऐलान

कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर 140 रुपए के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसका कुल मूल्य 4,402 करोड़ रुपए है. डिविडेंड का भुगतान 31 अगस्त, 2026 को होने वाली AGM में शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा. MSIL ने शेयरधारकों की पात्रता तय करने के लिए 7 अगस्त की तारीख रिकॉर्ड डेट के तौर पर तय की है. कंपनी ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि भुगतान 9 सितंबर को किया जाएगा. MSIL का PAT पिछली तिमाही के 3,794 करोड़ रुपए से भी क्रमिक रूप से लगभग 5 फीसदी कम हुआ. कंपनी ने इस गिरावट का मुख्य कारण ‘मार्कटूमार्केट’ प्रभाव को बताया है.

सेल्स के आंकड़े

कंपनी ने तिमाही बिक्री का अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा दर्ज किया, जो 676,209 यूनिट्स रहा. यह Q4 FY25 के मुक़ाबले 11.8 फीसदी ज्यादा है. घरेलू बिक्री 538,994 यूनिट्स रही, जबकि एक्सपोर्ट अपने अब तक के सबसे ऊंचे लेवल 137,215 यूनिट्स पर पहुंच गया. वित्त वर्ष 2026 के लिए ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालदरसाल 30.4 फीसदी बढ़कर 4,409 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. पूरे साल के लिए, कंपनी ने कुल 2,422,713 यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री हासिल की, जिसमें 1,974,939 यूनिट्स की घरेलू बिक्री और 447,774 यूनिट्स का एक्सपोर्ट शामिल है.

इसकी तुलना पिछले साल की कुल बिक्री 2,234,266 यूनिट्स से की जा सकती है, जिसमें 1,901,681 यूनिट्स की घरेलू बिक्री और 332,585 यूनिट्स का एक्सपोर्ट शामिल है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 1,74,370 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड नेट सेल्स दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले 20.2 फीसदी ज्यादा है. MSIL ने वित्त वर्ष 2026 में अपना अब तक का सबसे ज्यादा नेट प्रॉफिट 14,445 करोड़ रुपए भी दर्ज किया, जबकि पिछले साल यह 14,298 करोड़ रुपए था.