भारतीय रिजर्व बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 202021 सीरीजI के लिए समय से पहले रिडेम्पशन की कीमत की घोषणा की है. यह बॉन्ड 28 अप्रैल, 2020 को जारी किया गया था. केंद्रीय बैंक के एक बयान के अनुसार, निवेशकों के पास 28 अप्रैल, 2026 से SGB की इस किश्त को समय से पहले रिडीम करने का विकल्प होगा. RBI के अनुसार, SGB सीरीज का समय से पहले रिडेम्पशन, गोल्ड बॉन्ड जारी होने की तारीख से पांच साल बाद, विशेष रूप से उस तारीख को, जब ब्याज का भुगतान किया जाता है, करने की अनुमति होगी.

गोल्ड बॉन्ड का ‘गोल्डन’ धमाका! निवेशकों को मिला 230% का बंपर रिटर्न, 1 लाख लगाने वालों की लगी लॉटरी
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कैसे होती है कैलकुलेशन?

केंद्रीय बैंक की गाइडलाइंस के अनुसार, रिडेम्पशन वैल्यू की कैलकुलेशन 999 प्योरिटी वाले गोल्ड के simple average closing price का उपयोग करके की जाएगी, जिसे इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा पिछले तीन वर्किंग डेज के लिए प्रकाशित किया गया है.

समय से पहले रिडेम्पशन कीमत क्या है?

28 अप्रैल, 2026 को देय समय से पहले रिडेम्पशन कीमत SGB की प्रति यूनिट 15,124 रुपए तय की गई है. यह कीमत IBJA पर तीन कारोबारी दिनों यानी 23 अप्रैल, 24 अप्रैल और 27 अप्रैल, 2026 के सोने की क्लोजिंग प्राइस के साधारण औसत पर आधारित है. SGB 202021 सीरीजI ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन के लिए 4,589 रुपये प्रति ग्राम की दर से जारी की गई थी. इसलिए, समय से पहले रिडेम्पशन की तारीख पर, यह लगभग 230 फीसदी का पूर्ण साधारण रिटर्न देगा. जिन निवेशकों ने इसी सीरीज के SGB ऑफलाइन खरीदे थे, उनके लिए जारी होने की कीमत 4,639 रुपए प्रति ग्राम सोना थी. SGB की ऑनलाइन खरीद पर 50 रुपए की छूट उपलब्ध थी.

पूर्ण रिटर्न 15,124 रुपए 4,589 रुपए = 10,535 रुपए बैठता है . परसेंटेज के हिसाब से, यह 15,124 ÷ 4,589 × 100 = 230 फीसदी है. 230 फीसदी रिटर्न का मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति ने अप्रैल 2020 में इस SGB सीरीज के जारी होने के समय इसमें 1 लाख रुपए का निवेश किया होता, तो घोषित समय से पहले रिडेम्पशन कीमत के अनुसार, उस निवेश की कीमत अब लगभग 3.30 लाख रुपए हो गई होती. इस रकम में 2.5 फीसदी सालाना ब्याज शामिल नहीं है, जो गोल्ड बॉन्ड धारकों को मूल निवेश रकम पर मिलता है.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड क्या है?

SGBs सरकारी सिक्योरिटीज होती हैं, जिनकी कीमत सोने के ग्राम में तय होती है. ये असली सोना रखने का एक विकल्प हैं. निवेशकों को जारी कीमत कैश में चुकानी होती है और मैच्योरिटी पर बॉन्ड का रिडेम्पशन भी कैश में ही होता है. गोल्ड बॉन्ड भारत सरकार की ओर से RBI द्वारा जारी किया जाता है.

कितना खरीद सकते हैं SGB?

SGB में किसी ग्राहक के लिए कम से कम निवेश 1 ग्राम है. व्यक्तिगत और HUF निवेशक कैटेगरी के लिए खरीदने की ज्यादा से ज्यादा सीमा 4,000 ग्राम है, और ट्रस्ट व सरकार द्वारा नोटिफाइड इसी तरह की अन्य संस्थाओं के लिए यह सीमा प्रति वित्त वर्ष 20,000 ग्राम है , या जैसा कि GOI/RBI/NSEIL द्वारा समयसमय पर बताया जा सकता है. अगर बॉन्ड ज्वाइंट रूप से रखे गए हैं, तो यह सीमा पहले आवेदक पर लागू होगी. सालाना सीमा में सरकार द्वारा शुरुआती जारी करने के दौरान अलगअलग किस्तों में खरीदे गए बॉन्ड, साथ ही सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए बॉन्ड भी शामिल होंगे.

SGB पर ब्याज दर क्या है?

ये बॉन्ड शुरुआती निवेश की रकम पर 2.50 फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज देते हैं. ब्याज निवेशक के बैंक अकाउंट में हर छह महीने में जमा किया जाता है, और आखिरी ब्याज बॉन्ड के मैच्योर होने पर मूलधन के साथ दिया जाता है.

SGB ग्राहकों को होल्डिंग का सर्टिफिकेट कब जारी किया जाता है?

SGB ग्राहकों को SGB जारी होने की तारीख पर होल्डिंग का सर्टिफिकेट जारी किया जाता है. होल्डिंग का सर्टिफिकेट जारी करने वाले बैंकों/SHCIL दफ्तरों/डाकघरों/चुने हुए स्टॉक एक्सचेंजों/एजेंटों से लिया जा सकता है, या अगर आवेदन फॉर्म में ईमेल अड्रेस दिया गया है, तो सीधे RBI से ईमेल पर भी पाया जा सकता है.