उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार की रात साढ़े दस बजे युवा कारोबारी मनीष सिंह की पीटपीटकर हुई हत्या के मामले में गांव के लोगों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. गांव के शुभम सिंह ने बताया कि हत्या करने वालों में जो सबसे आगे थे, उनमें आशीष राजभर, मनीष राजभर और गोविन्द राजभर थे. इनको पंचायत चुनाव लड़ना था और ये राजभर और प्रजापति समाज के लोगों को बताना चाहते थे कि हम ठाकुरों को भी मार सकते हैं.

इकलौते भाई की हत्या, एनिवर्सरी पर मातम… वाराणसी में मनीष सिंह की बहन बोली- मेरे भैया जैसा कोई नहीं
इकलौते भाई की हत्या, एनिवर्सरी पर मातम… वाराणसी में मनीष सिंह की बहन बोली- मेरे भैया जैसा कोई नहीं

में मनीष सिंह की हत्या के बाद, चाचा अरुण सिंह ने बताया कि हत्या के बाद आशीष राजभर और गोविन्द राजभर ने मनीष के गले से चेन, हाथ से ब्रासलेट, पैं से वालेट और गाड़ी से कैश निकालकर गांव के ही युवक से कहा कि जाओ घर वालों को बता देना कि मनीष की हत्या हो गई है. उसकी डेड बॉडी ले जाएं.

‘मनीष तो सब की मदद करता था’

मनीष सिंह के मामा रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मनीष सिंह का राजनीति से दूरदूर तक कोई नाता नहीं था, और ना ही उसकी गांव में किसी से कोई रंजिश थी, मनीष तो सबकी मदद करता था. यहां तक की दो लोग जो बाकी लोगों के साथ मनीष को मारने में इन्वॉल्व थे, वो कुछ दिन पहले तक उसकी फैक्ट्री में काम करते थे. मनीष एक गाड़ी घर पर लोगों की मदद के लिए रखता था. उसकी हत्या सिर्फ इसलिए हुई, क्यूंकि कुछ लोगों को अपनी ताकत दिखानी थी.

गांव के ही एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि थाने से आशीष राजभर को फोन गया कि कहां हो थाने पर आओ, लेकिन वो फरार हो गया. एसओजी की टीम को पता चला कि वो खालिसपुर में है और जब वहां वो लोग गएं तो खालिसपुर में एसओजी की टीम को बंधक बना लिया गया. बाद में जब फोर्स गई, तब छोड़ा गया और इसी बीच आशीष राजभर फरार हो गया.

बहन ने सरकार से लगाई मदद की गुहार

मनीष की बहन ने भाई की हत्या के बाद कहा कि आरोपियों को शख्त से शख्त सजा दी जाए. आरोपियों को किसी तरह से बक्सा ना जाए. उन्होंने कहा कि आज भईया की एनिवर्सरी थी. सरकार को परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए. उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार दो करोड़ रूपये की आर्थिक मदद और भाभी को नौकरी दे.

मनीष दो बहनों का इकलौता भाई था. मांपिता की मौत पहले ही हो चुकी थी. दो बहनों की शादी गुजरात में हुई है. मनीष की बड़ी बहन मनीषा ने रोते हुए बताया कि ‘मेरे भईया जैसा कोई था ही नहीं’. सबकी मदद करने में वो सबसे आगे रहते थे. आज भईया की एनिवर्सरी थी, समझ नहीं आ रहा है कि अब क्या कहूँ?

‘सरकार भाभी को नौकरी दे’

सीएम योगी जी से यही प्रार्थना है कि घर में अब कोई कमाने वाला रहा नहीं और भाभी पर तीन बच्चों की जिम्मेदारी है, इसलिए इनको नौकरी और बच्चों की पढ़ाई लिखाई और शादी ब्याह के लिए दो करोड़ की आर्थिक मदद सरकार करे. अभी तक मुख्य आरोपी पकड़े नही गए हैं उनकी गिरफ्तारी भी तत्काल की जाए.