Tallest Shiva Temple: भारत में मंदिरों की भव्यता और आस्था का संगम हर जगह देखने को मिलता है, लेकिन कुछ मंदिर अपनी ऊंचाई और अनोखी बनावट के कारण खास पहचान रखते हैं। ऐसा ही एक अद्भुत शिव मंदिर वाराणसी में स्थित है, जो अपनी ऊंचाई के कारण लोगों को हैरान कर देता है। यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी ऊंचाई की तुलना देश की ऐतिहासिक इमारत कुतुब मीनार से भी की जाती है। खास बात यह है कि इस मंदिर का शिखर इतना ऊंचा है कि शहर के कई किलोमीटर दूर से भी दिखाई देता है।

कुतुब मीनार से भी ऊंचा शिखर
यह भव्य मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के परिसर के बीचोंबीच बना हुआ है, जो शैक्षणिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। इस मंदिर के शिखर की ऊंचाई करीब 252 फीट है। कुतुब मीनार की ऊंचाई 238 से 240 फीट के करीब मानी जाती है।
सबसे ऊंचे शिखर वाला मंदिर
हालांकि, मध्य प्रदेश के ओरछा में स्थित चतुर्भुज मंदिर की कुल ऊंचाई ज्यादा है, लेकिन उसके शिखर की ऊंचाई लगभग 240 फीट है। वहीं बीएचयू के काशी विश्वनाथ मंदिर का शिखर 252 फीट ऊंचा है, जिससे यह देश का सबसे ऊंचे शिखर वाला मंदिर माना जाता है।
अनोखी वास्तुकला की पहचान
इस मंदिर में द्रविड़, नागर और बेसर वास्तुशैली का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जिसका निर्माण कई चरणों में हुआ है। जानकारी के मुताबिक इस शिव मंदिर की आधारशिला 1931 में पंडित मदन मोहन मालवीय के प्रयासों से रखी गई थी। बाद में उद्योगपति जुगल किशोर बिरला ने इसके निर्माण में योगदान दिया। सफेद संगमरमर से बने इस मंदिर के शिखर पर करीब 10 फीट ऊंचा कलश स्थापित है, जो इसकी भव्यता बढ़ाता है। यह मंदिर न सिर्फ पूजा का स्थान है, बल्कि शांति और ध्यान के लिए भी जाना जाता है।
देश के प्रमुख मंदिरों में से एक
बीएचयू में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर अपनी ऊंचाई, वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण देश के प्रमुख मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर आस्था और अद्भुत निर्माण कला का बेहतरीन उदाहरण है, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है।



