अपने दौर की सबसे दमदार और चर्चित अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली स्मिता पाटिल ने महज 31 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनका निधन बेटे प्रतीक बब्बर के जन्म के कुछ ही दिनों बाद 13 दिसंबर 1986 को हो गया था। उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं, पूरा देश सदमे में था। अब उनकी करीबी दोस्त और फिल्ममेकर अरुणा राजे ने स्मिता के आखिरी दिनों को याद किया है।

ईटाइम्स को दिए इंटरव्यू में अरुणा राजे ने स्मिता के अंतिम दिन बेहद अकेलेपन में बीते थे। वह राज बब्बर के साथ रिश्ते में थीं, जबकि राज पहले से नदीरा बब्बर से शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी थे। इसी वजह से कई करीबी दोस्त और परिवार के लोग उनसे दूर हो गए थे।
उन्होंने बताया कि जिस रात स्मिता की हालत बिगड़ी, वह खबर मिलते ही तुरंत उनसे मिलने जसलोक हॉस्पिटल पहुंचीं। वहां का मंजर देखकर वह टूट गईं। अरुणा के मुताबिक, स्मिता की हालत ऐसी थी जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्हें उसी पल एहसास हो गया था कि स्मिता अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
अरुणा ने यह भी कहा कि उस समय स्मिता की मां अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थीं, लेकिन नवजात बच्चे प्रतीक के लिए खुद को संभालना पड़ा।
स्मिता के निधन के बाद उनकी मां ने अरुणा राजे को उनके निजी खत और कुछ नोट्स सौंपे थे। जब उन्होंने उन्हें पढ़ा, तो स्मिता का एक बेहद भावुक और निजी पहलू सामने आया, जिसे दुनिया ने कभी करीब से नहीं देखा था।
अरुणा राजे के मुताबिक, स्मिता पाटिल की चिट्ठियों और नोट्स से यह साफ झलकता था कि वह राज बब्बर से बेहद गहरा और जुनूनी प्यार करती थीं, जो सार्वजनिक तौर पर कभी पूरी तरह दिखाई नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि इस हद तक था कि वह सात महीने की गर्भवती होने के बावजूद राज बब्बर के लिए करवा चौथ का व्रत रखती थीं, जबकि उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी गई थी।
अरुणा ने कहा कि इस रिश्ते की वजह से स्मिता धीरेधीरे अकेली पड़ती चली गईं। उनके दोस्त और परिवार के कई लोग उनसे दूर हो गए थे। उन्होंने बताया कि उस मुश्किल दौर में वही एक ऐसी दोस्त थीं, जिनसे स्मिता लगातार संपर्क में रहीं। स्मिता अपने दिल की कड़वी और तकलीफ भरी बातें उन्हीं से साझा करती थीं।
राज बब्बर ने भी याद किए थे स्मिता के आखिरी पल
वहीं, रेडिफ को दिए इंटरव्यू में राज बब्बरने स्मिता के आखिरी पलों को याद किया था। उन्होंने कहा था कि घर से अस्पताल जाते समय स्मिता बारबार माफी मांग रही थीं। वह उन्हें समझाते रहे कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन उनकी आंखों में आंसू थे। कुछ देर बाद डॉक्टर ने बताया कि वह कोमा में चली गई हैं।
ने यह भी कहा था कि स्मिता उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा थीं और उनकी यादें आखिरी सांस तक उनके साथ रहेंगी। स्मिता की आखिरी इच्छा को लेकर मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत ने भी एक भावुक किस्सा साझा किया था।
सुहागिन बनकर विदा होना चाहती थीं स्मिता पाटिल
दीपक सावंत ने बताया कि स्मिता अक्सर कहती थीं कि वह सुहागन बनकर विदा होना चाहती हैं। शुरुआत में वह इस तरह की बातें सुनकर उन्हें डांट देते थे।
दीपक सावंत ने बताया कि स्मिता के निधन के बाद उनकी मां ने उन्हें मेकअप किट दी और कहा कि उनकी आखिरी इच्छा पूरी की जाए। वहां अमिताभ बच्चन समेत कई लोग मौजूद थे। दीपक ने रोते हुए उनका अंतिम मेकअप किया और उन्हें बेहद सुंदर तरीके से विदा किया।



