देश में बढ़ती गर्मी ने 10मिनट डिलीवरी मॉडल की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. भीषण हीटवेव के चलते दोपहर के व्यस्त घंटों में डिलीवरी पार्टनर्स काम करने से बच रहे हैं, जिससे क्विक कॉमर्स कंपनियों की सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है. मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन डिलीवरी करने वाले कम पड़ रहे हैं. हालात संभालने के लिए कंपनियां इंसेंटिव और सुविधाएं बढ़ा रही हैं, फिर भी संकट कम होता नजर नहीं आ रहा है.

मुश्किल में 10-मिनट डिलीवरी! व्यस्त घंटों में काम नहीं कर रहे डिलीवरी पार्टनर्स, जानें क्यों बेबस हुईं बड़ी कंपनियां
मुश्किल में 10-मिनट डिलीवरी! व्यस्त घंटों में काम नहीं कर रहे डिलीवरी पार्टनर्स, जानें क्यों बेबस हुईं बड़ी कंपनियां

10मिनट डिलीवरी का वादा करने वाली कंपनियां इन दिनों डिलीवरी पार्टनर्स की कमी से जूझ रही हैं. खासतौर पर दोपहर के समय, जब तापमान चरम पर होता है, बड़ी संख्या में डिलीवरी पार्टनर्स काम करने से बच रहे हैं. गर्मियों में डिमांड बढ़ने के साथ ही डिलीवरी की जरूरत भी 1520% तक बढ़ जाती है. लेकिन इस बार हालात अलग हैं. तेज धूप और लू के कारण कई डिलीवरी पार्टनर्स ने दोपहर में काम करना कम कर दिया है. कुछ पार्टनर्स चुनाव और फसल कटाई के चलते अपने गृह राज्यों में भी लौट गए हैं, जिससे मेट्रो शहरों में कमी और बढ़ गई है.

इस स्थिति से निपटने के लिए कंपनियां अतिरिक्त इंसेंटिव दे रही हैं. आमतौर पर एक डिलीवरी पर 2030 रुपये कमाने वाले राइडर्स को अब दोपहर के समय 815 रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे हैं. इसके अलावा, कंपनियां हाइड्रेशन, ब्रेक और हेल्थ सपोर्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही हैं.

कंपनियों ने उठाए ये कदम

ईकॉमर्स कंपनियों जैसे Amazon, Flipkart Minutes और BigBasket ने डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं. इनमें हीटइंडेक्स मॉनिटरिंग, डॉक्टर से सलाह, इलेक्ट्रोलाइट्स और रेस्टिंग फैसिलिटी शामिल हैं. इसके बावजूद, तेज गर्मी के चलते पार्टनर्स की उपलब्धता सीमित बनी हुई है. दूसरी ओर, मांग तेजी से बढ़ रही है. आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, जूस, पंखे और कूलर जैसे प्रोडक्ट्स की डिमांड अचानक बढ़ गई है. कंपनियों ने इसके लिए कोल्ड स्टोरेज और रेफ्रिजरेशन क्षमता भी बढ़ाई है. कई प्लेटफॉर्म्स ने अपने ऐप में समर एसेंशियल्स का अलग सेक्शन भी तैयार किया है ताकि ग्राहकों को जल्दी डिलीवरी मिल सके.

हालांकि, सप्लाई चेन पर भी दबाव बढ़ रहा है. कंपनियों का कहना है कि तापमान में अचानक बढ़ोतरी के कारण डिमांड अनुमान से 23 गुना तक बढ़ गई है, जिससे प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन मैनेज करना चुनौतीपूर्ण हो गया है. इस बीच, ऐपआधारित ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने सरकार से मांग की है कि गिग वर्कर्स के लिए हीटवेव प्रोटेक्शन अनिवार्य किया जाए. कुल मिलाकर, बढ़ती गर्मी ने 10मिनट डिलीवरी मॉडल की कमजोरियों को उजागर कर दिया है, जहां मांग तो तेज है, लेकिन सप्लाई बनाए रखना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.