Pilibhit Millionaire Peon: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक ऐसा घोटाला सामने आया है जिसने सिस्टम की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. इस महाघोटाले का मुख्य किरदार है जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात एक चपरासी इल्हामउर्ररहमान शम्सी, जिसने न केवल सरकारी तिजोरी साफ की, बल्कि अपनी तीन पत्नियों को भी अंधेरे में रखा, हैरानी की बात यह है कि इल्हाम की तीनों पत्नियों को यह तक नहीं पता था कि उनका पति पहले से शादीशुदा है और उनके अलावा उसकी दो और पत्नियां भी हैं.

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी चपरासी ने कूटनीतिक तरीके से सैलरी टोकन जनरेट करने का काम अपने हाथ में ले लिया था. उसने अपनी तीनों पत्नियों, सास, साली और अन्य रिश्तेदारों को कागजों पर ‘टीचर’ और ‘बाबू’ बना दिया. पिछले 8 सालों में उसने कुल 8 करोड़ 15 लाख रुपये इन रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए.
शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें आरोपी की पत्नियां लुबना और अजारा खान, साली फातिमा और सास नाहिद शामिल हैं.
कैसे खुला राज?
घोटाले की कलई फरवरी 2026 में तब खुली जब बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने डीएम को पत्र लिखकर बताया कि ट्रेजरी से एक निजी खाते में 1.15 करोड़ रुपये भेजे गए हैं. जांच शुरू हुई तो मास्टरमाइंड चपरासी का नाम सामने आया. पुलिस ने अब तक 53 ऐसे संदिग्ध बैंक खाते ढूंढे हैं और करीब 5.50 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं.
तीन बीवियां, तीनों को नहीं थी भनक
इल्हाम की पहली पत्नी अर्शी खातून पहले ही जेल जा चुकी है. दूसरी पत्नी अजारा खान ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया कि उसे इल्हाम की अन्य शादियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. आरोपी ने हर पत्नी को अलग शहर में रखा था और उन्हें ऐशोआराम की जिंदगी देने के लिए सरकारी धन का इस्तेमाल कर रहा था.



