UP News: प्रयागराज में एक्सप्रेसवे के बाद अब योगी सरकार एक और बड़े प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने जा रही है. गंगा एक्सप्रेसवे के बाद राज्य सरकार ने अब 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाएं हैं. यह महत्वाकांक्षी परियोजना प्रयागराज से लेकर सोनभद्र तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और आगे चलकर बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों को भी जोड़ेगी.

प्रयागराज से सीधे जुड़ेगा सोनभद्र… बनेगा 330 किमी लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे; इन 4 राज्यों को मिलेगी कनेक्टिविटी
प्रयागराज से सीधे जुड़ेगा सोनभद्र… बनेगा 330 किमी लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे; इन 4 राज्यों को मिलेगी कनेक्टिविटी

प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज जिले की सोरांव, फूलपुर और हंडिया तहसीलों के कुल 84 गांवों से होकर गुजरेगा. इस परियोजना की खास बात यह है कि इसे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा. जानकारी के अनुसार, सोरांव तहसील के जुदापुर डांडू गांव में इसका इंटरचेंज बनाया जाएगा, जिससे दोनों एक्सप्रेसवे मिलकर प्रदेश में एक बड़े हाईस्पीड कॉरिडोर का निर्माण करेंगे.

महाकुंभ में हुई कैबिनेट बैठक में मिली थी मंजूरी

2025 में महाकुंभ में हुए कैबिनेट बैठक में योगी सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब जिला प्रशासन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गया है. प्रशासन ने प्रभावित गांवों की सूची भी लगभग तैयार कर ली है.

84 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण

भूमि अधिग्रहण योजना के तहत सोरांव तहसील के 29 गांव, फूलपुर के 24 गांव और हंडिया के 31 गांव इस परियोजना के दायरे में आएंगे. अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही शुरुआती सर्वे और जमीन चिन्हांकन का कार्य शुरू किया जाएगा.

क्या होगा फायदा?

सरकार और प्रशासन का मानना है कि विंध्य एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास में गेम चेंजर साबित होगा. इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था भी अधिक मजबूत बनेगी. इसके जरिए व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक निवेश को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. साथ ही, पड़ोसी राज्यों से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा पहुंचने की संभावना है.