भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने शनिवार को कहा कि खिलाड़ियों और अधिकारियों को इंडियन प्रीमियर लीग की छवि बनाए रखने के लिए तय अनुशासन का पालन करना चाहिए। संचालन संस्था नियमों का उल्लंघन करने वाली पक्षों पर ‘लगाम कसने’ के लिए और भी कड़े उपायों पर विचार कर रही है। सैकिया की यह टिप्पणी राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग और टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर चल रहे आईपीएल के दौरान दो अलगअलग घटनाओं के लिए जुर्माना लगाए जाने के ठीक बाद आई है। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स पर कार्रवाई करने की भी बात कही।

मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए सैकिया ने कहा, ‘प्रेस विज्ञप्ति में हमने बहुत साफ तौर पर कहा है कि हम उन टीमों पर लगाम कसने के लिए कुछ अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। हम कुछ कार्रवाई करेंगे और हम टीमों के व्यवहार को लेकर आईपीएल के विभिन्न नियमों और शर्तों पर विचार कर रहे हैं।’
आईपीएल की छवि पर कभी भी बुरा असर नहीं पड़े
पराग पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया जब उन्हें कैमरे में ‘वेपिंग’ करते हुए पकड़ा गया और भिंडर पर पीएमओए प्रोटोकॉल के उल्लंघन के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया क्योंकि उन्होंने डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। सैकिया ने कहा, ‘सिर्फ खिलाड़ी या अधिकारी ही नहीं एक टीम के तौर पर उन्हें एक निश्चित अनुशासन बनाए रखना होगा ताकि आईपीएल की छवि पर कभी भी बुरा असर नहीं पड़े। यह सुनिश्चित करने के लिए हमें कोई फैसला लेना होगा और हम कुछ कार्रवाई करेंगे।’
कड़ी कार्रवाई के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार
पराग के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा करने वाले अपने ईमेल में बोर्ड ने कहा था, ‘बीसीसीआई नियमों का उल्लंघन करने वाली टीम, उसके अधिकारियों और खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू करने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है ताकि आईपीएल की प्रतिष्ठा बनी रहे।’ जब देवजीत सैकिया से पूछा गया कि क्या पंजाब पुलिस ने बीसीसीआई से संपर्क किया है क्योंकि देश में ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019’ के तहत वेपिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है तो सैकिया ने कहा, ‘नहीं। ऐसी कोई स्थिति नहीं है।’
रोमी भिंडर पर बीसीसीआई ने लगाया 1 लाख का जुर्माना
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद हुए। बीसीसीआई ने उनपर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। ।



