उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई. बदायूं में तैनात एक जांबाज पुलिसकर्मी की आकस्मिक मृत्यु हो गई है. मझोला थाना इलाके के काशीराम नगर निवासी हेड कांस्टेबल नीरज कुमार , जो हाल ही में बदायूं पुलिस लाइन में अपनी सेवाएं दे रहे थे. कुछ दिन पहले अवकाश लेकर अपने परिवार के पास अपने बेहतर इलाज के लिए आए थे.

जानकारी के मुताबिक, नीरज कुमार बीमार चल रहे थे, इलाज के लिए वो अपने घर आए थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. घर की पहली मंजिल की बालकनी पर खड़े होने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर पड़े. इस हादसे में पुलिसकर्मी के सिर पर गंभीर चोटें आईं थीं. हादसे के बाद तत्काल उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद, शनिवार सुबह सिपाही ने दम तोड़ दिया है.
सिपाही की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, बल्कि पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई है. नीरज कुमार अपने पीछे पत्नी संगीता और दो मासूम बेटियां, यशस्वी और भव्या को छोड़ गए हैं. पुलिस प्रशासन ने राजकीय सम्मान के साथ मृतक अंतिम विदाई दी गई है.
छुट्टी लेकर पहुंचा था घर
मृतक नीरज कुमार बीते 1 अप्रैल को तीन दिनों की छुट्टी लेकर अपने घर मुरादाबाद आए थे. घर पहुंचने के बाद नीरज कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके चलते डॉक्टरों ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी थी. नीरज कुमार अपने स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी बदायूं स्थित उच्चाधिकारियों को दे दी थी और घर पर ही अपना इलाज करवा रहे थे. 30 अप्रैल की शाम जब वह ताजी हवा के लिए अपने आवास की पहली मंजिल की गैलरी में आए थे, तभी अचानक अनहोनी हो गई थी. ऊंचाई से कंक्रीट के फर्श पर गिरने के कारण उनके मस्तिष्क में आंतरिक रक्तस्राव शुरू हो गया था. परिजन उन्हें आननफानन में कांठ रोड स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां कई घंटों तक वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ते रहे.
परिवार में हैं पत्नी और दो बेटियां
शनिवार को जैसे ही नीरज कुमार के निधन की आधिकारिक पुष्टि हुई तो मझोला थाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थी. पुलिस ने विधिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया है. इसके पश्चात, पोस्टमार्टम हाउस परिसर में ही विभाग की ओर से दिवंगत सिपाही नीरज कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई है, जब नीरज कुमार का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान एफब्लॉक पहुंचा, तो वहां का दृश्य अत्यंत मार्मिक था.
पुलिस के जवानों ने अपने साथी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई है. नम आंखों से परिजनों ने नीरज कुमार का अंतिम संस्कार किया गया. घर के मुखिया और कमाऊ सदस्य के इस तरह चले जाने से पत्नी और बेटियों का रोरोकर बुरा हाल है. वहीं स्थानीय नागरिकों ने भी इस होनहार पुलिसकर्मी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है.



