बाली में एक 40 साल के युवा पायलट की हार्ट अटैक से मौत हो गई, पायलट की मौत ने सिर्फ एविएशन इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी चिंतित कर दिया है। पायलट पूरी तरह मेडिकल रूप से फिट घोषित था, उसने 8 घंटे की फ्लाइट पूरी की और किसी बीमारी की कोई हिस्ट्री भी नहीं थी, लेकिन पायलट को होटल पहुंचने के कुछ समय बाद बेचैनी हुई, हार्ट अटैक आया और अस्पताल ले जाने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। अब सवाल ये उठता है कि पायलट मेडिकली रूप से पूरी तरह सेहतमंद था लेकिन फिर भी उसे हार्ट अटैक अचानक कैसे आया।

बेंगलुरु के स्पर्श अस्पताल के प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ और चिकित्सा निदेशक डॉ. रंजन शेट्टी ने बताया ये कड़वी सच्चाई है कि दिल का दौरा भूकंप की तरह अचानक आता है, बिना किसी पूर्व अलर्ट के, यहां तक कि उन लोगों में भी जो देखने में पूरी तरह स्वस्थ लगते हैं। आराम की स्थिति में इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम सामान्य दिख सकता है, जबकि धमनियां 70 प्रतिशत तक अवरुद्ध हो सकती हैं। ऐसे में प्लाक फट सकता है और उसके चारों ओर खून जम सकता है, जिससे एक बड़ा अवरोध पैदा हो सकता है और हार्ट अटैक हो सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कम उम्र में अचानक से हार्ट अटैक आने के लिए कौनकौन से कारक जिम्मेदार हो सकते हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है।
अचानक से हार्ट अटैक आने के लिए कौन से कारक हो सकते हैं जिम्मेदार?
अचानक से हार्ट अटैक आने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे फैमिली हिस्ट्री, नींद की कमी और तनाव जैसे कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। ये सभी कारक मिलकर एक गंभीर प्रतिक्रिया को जन्म दे सकते हैं। अचानक हार्ट अटैक आने के लिए अनडायग्नोज्ड बीमारी, फैमिली हिस्ट्री, नींद की कमी और ज्यादा तनाव भी जिम्मेदार हो सकता है।
क्या पायलट की हार्ट अटैक से मौत के लिए लंबी फ्लाइट ट्रिगर बनी?
डॉक्टर ने बताया पायलट का उड़ान से पहले मेडिकल टेस्ट किया गया था जिसमें वो मेडिकली फिट थे, लेकिन उड़ान के बाद होटल जाकर उन्हें हार्ट अटैक आया जिसके लिए लम्बी उड़ान जिम्मेदार हो सकती है। केबिन में कम ऑक्सीजन और कम प्रेशर दिल पर दबाव डालता हैं। डिहाइड्रेशन से खून गाढ़ा होता है, जिससे क्लॉट बनने का खतरा बढ़ता है। डॉक्टर ने बताया इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से हार्ट रिदम बिगड़ सकता है, इससे Sudden Cardiac Arrest का खतरा बढ़ जाता है।
810 घंटे की लंबी उड़ानों में बढ़ता है खतरा
एक्सपर्ट ने बताया पायलट जब 8 से 10 घंटों की लम्बी उड़ान भरता है तो DVT का खतरा बढ़ता है। क्लॉट फेफड़ों तक पहुंचकर Pulmonary Embolism बन सकता है। फ्लाइट के बाद 2448 घंटे तक हार्ट को खतरा ज्यादा रहता है।
पायलट का मेडिकल टेस्ट होने के बावजूद जोखिम क्यों होता है ?
एक्सपर्ट ने बताया एविएशन मेडिकल टेस्ट सिर्फ बड़ी समस्याओं को पकड़ते हैं। ECG सिर्फ 10 सेकंड की हार्ट एक्टिविटी रिकॉर्ड करती है, अगर उस समय ब्लड फ्लो ठीक है तो रिपोर्ट नॉर्मल आ सकती है। लेकिन अंदर प्लाक जमा हो सकता है जो बाद में फट सकता है और हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
कम उम्र में हार्ट अटैक क्यों बढ़ रहे हैं?
- आजकल 30 से 40 साल के युवाओं में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है जिसके लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का लगातार हाई स्तर शरीर में तनाव, सूजन और दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता हैं।
- अनियमित या कम नींद शरीर के हार्मोन बैलेंस को बिगाड़ती है और दिल पर अतिरिक्त दबाव डालती है।
- शरीर में पानी की कमी खून को गाढ़ा बनाती है, जिससे क्लॉट बनने और हार्ट पर स्ट्रेस बढ़ने का खतरा रहता है।
- लगातार अलर्ट रहने वाली नौकरियां शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ाकर दिल की सेहत को प्रभावित करती हैं। कई बार दिल की बीमारी का खतरा परिवार से मिलता है, लेकिन सामान्य जांच में सामने नहीं आता।
बचाव कैसे करें?
- हाई रिस्क होने पर कैल्शियम स्कोरिंग टेस्ट करवाएं। यह टेस्ट धमनियों में जमा प्लाक का पता लगाकर हार्ट अटैक के जोखिम का आकलन करने में मदद करता है।
- हार्ट रिद्म की लगातार मॉनिटरिंग करें। नियमित निगरानी से दिल की धड़कन में गड़बड़ी को समय रहते पहचाना जा सकता है।
- फैमिली हिस्ट्री को समझें। फैमिली हिस्ट्री जोखिम को समय रहते पहचानने में मदद करती है।
- अंदरूनी स्थिति को समझने के लिए नियमित रूप से BP, कोलेस्ट्रॉल, किडनीलिवर फंक्शन जैसे टेस्ट जरूर कराएं। ये टेस्ट संभावित खतरे को पहले ही पकड़ सकते हैं।
- रोजाना अच्छी नींद और पर्याप्त पानी पीना दिल को हेल्दी रखने के लिए बेहद जरूरी है।
- तनाव कम करने के लिए आप योग, मेडिटेशन और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएं, हार्ट हेल्थ बेहतर रहेगी।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आपको दिल से जुड़ी कोई समस्या, लक्षण या स्वास्थ्य संबंधी चिंता हो, तो तुरंत योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी भी जांच, दवा या उपचार को शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।



