हिमाचली खबर: Rituals: भोजन से जुड़े कई नियम सदियों से चले आ रहे हैं जिनका आज भी लोग बड़ी ईमानदारी से पालन कर रहे हैं। जैसे एक साथ 3 रोटी थाली में नहीं परोसना या फिर तवे को उल्टा रखने की मनाही। इनमें से एक नियम गूंथे हुए आटे से भी जुड़ा है। आपने देखा होगा कि अक्सर महिलाएं आटा गूंथने के बाद उस पर उंगलियों के निशान बना देती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि ऐसा क्यों किया जाता है। धर्मशास्त्रों में ऐसा करने के पीछे एक मुख्य कारण बताया गया है।

पिंडदान और पितरों से जुड़ा है रहस्य
धर्मशास्त्रों के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया जाता है। पिंडदान के लिए बनाया गया पिंड गोल और चिकना होता है। ऐसे में यदि गूंथे हुए गोल और चिकने आटे में उंगलियों के निशान न लगाएं जाएं तो वह आटा ‘पिंड’ के समान हो जाता है। धार्मिक मान्यता अनुसार ऐसा आटा देखकर पितर उसे ग्रहण करने के लिए आकर्षित होते हैं जो कि अशुभ माना जाता है। इससे भयंकर वास्तु दोष भी लग सकता है।
इसलिए आटे पर लगाए जाते हैं उंगलियों के निशान
गूंथे हुए आटे पर उंगलियों का निशान इसलिए ही लगाया जाता है जिससे आटा पिंड जैसा न दिखे। शास्त्रों के अनुसार पिंड जैसे दिखने वाले आटे से बनी रोटियां खाना अशुभ माना जाता है। जिसका हमारे जीवन पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आटे पर उंगलियों की छाप इस बात का भी प्रतीक है कि यह भोजन परिवार के जीवित सदस्यों के लिए है, न की मृत पूर्वजों के लिए।
लग सकता है दोष
शास्त्रों अनुसार बिना उंगलियों के निशान वाले आटे की रोटियां खाना नकारात्मक ऊर्जा को न्योता देता है। ऐसे में इस आटे का सेवन करने से पितृ दोष लगने के साथसाथ मानसिक तनाव भी झेलने पड़ सकते हैं। इसलिए गूंथे हुए आटे पर उंगलियों के निशान बनाना बेहद जरूरी माना गया है।



