हिमाचली खबर: परवल की ग्रेवी वाली सब्जी खातेखाते अगर आप भी बोर हो गए हैं तो इस बार बिहारी स्टाइल में परवल मसाला ट्राई कर सकते हैं। इसका मसालेदार स्वाद और देसी फ्लेवर आपको जरूर पसंद आएगा। इसे आप किसी खास मौके पर या मेहमान आने पर बना सकते हैं। इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है। जिससे इसमें अलग ही स्वाद आता है।

इसमें सरसों का तेल और देसी मसालों का इस्तेमाल होता है। यह न केवल देखने में अच्छा लगता है बल्कि परवल के अंदर मसाला भरा होने से हर बाइट में फ्लेवर मिलता है। परवल बहुत ही पौष्टिक सब्जी है जो विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2 और विटामिन सी से भरपूर होती है। इसमें कैलोरी कम होती है औऱ यह सेहत के लिए फायदेमंद होती है।
इन चीजों की पड़ेगी जरूरत
5 बड़े/मध्यम परवल
2 बड़े चम्मच सरसों का तेल
1 छोटा चम्मच जीरा
1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 बड़ा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
1 बड़ा चम्मच धनिया पाउडर
½ बड़ा चम्मच जीरा पाउडर
1 बड़ा चम्मच अदरकलहसुन का पेस्ट
1 छोटा चम्मच नींबू का रस
नमक स्वादानुसार
सजावट के लिए ताजा हरा धनिया
सबसे पहले परवल को धोकर सुखा लें। इसके बाद परवल को दो टुकड़ों में काट लें। फिर एक कड़ाही में तेल डालें। गरम होने पर जीरा डालें। फिर इसे चटकने दें। अब आपको इसमें परवल, हल्दी पाउडर और नमक डालना है। अभी थोड़ा सा ही नमक डालें। बाद में आप नमक की मात्रा अपने हिसाब से एडजस्ट कर सकते हैं। इसे ढककर तब तक पकाएं जब तक यह आधा पक न जाए। परवल से काफी पानी निकलेगा और यह पानी इस व्यंजन को बिना तले कुरकुरा बनाने के लिए बहुत जरूरी है।
इसे एक बार फिर से चलाएं और फिर ढक्कन हटाकर मध्यम आंच पर 34 मिनट तक पकाएं। इसे आपको तब तक पकाना है जब तक कि सारा पानी सूख न जाए। फिर इसे धीमी/मध्यम आंच पर 23 मिनट और ढककर पकाएं। अब आपको ढक्कन हटाकर उसमें अदरकलहसुन का पेस्ट मिलाना है। इसमें धनिया पाउडर, जीरा पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालें। इसे अच्छी तरह मिला लें। फिर मध्यम आंच पर 23 मिनट तक भूनें। फिर इस पर नींबू का रस डालें। अच्छी तरह मिलाएं और नमक स्वादानुसार डालें। ताजी धनिया पत्ती से सजाकर पूरी, पराठा, रोटी या चावल/दाल के साथ परोसें।



