रक्षाबंधन के पावन पर्व पर इस बार भारतीय बाजार में एक बड़ा डिजिटल बदलाव देखने को मिल रहा है. कभी हफ्तों पहले से बाजारों के चक्कर काटने या पोस्टकोरियर के जरिए राखी भेजने की परंपरा अब 10मिनट डिलीवरी ऐप्स और स्मार्ट ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के हाथों में आ गई है. तकनीक ने न सिर्फ खरीदारी का तरीका बदला है, बल्कि लोगों की गिफ्टिंग पसंद को भी पूरी तरह अपग्रेड कर दिया है.

इस साल रक्षाबंधन पर देश भर के गिफ्टिंग मार्केट में ईकॉमर्स से लेकर क्विककॉमर्स का दबदबा है. जहां पहले त्यौहार की खरीदारी की योजना कई दिन पहले बनती थी, वहीं अब टेक प्लेटफॉर्म्स के चलते ‘लास्ट मिनट बुकिंग’ और ‘इंस्टेंट डिलीवरी’ का नया ट्रेंड सेट हो गया है. आइए इस विस्तार से चर्चा करते हैं…

इस रक्षाबंधन सबसे ज्यादा बिकने वाले टॉप 4 प्रोडक्ट्स

  1. स्मार्ट गैजेट्स और टेक एक्सेसरीज: इस बार पारंपरिक कपड़ों और पर्स के मुकाबले स्मार्टवॉच, वायरलेस इयरबड्स, पावर बैंक और ब्लूटूथ स्पीकर्स युवाओं की पहली पसंद बने हुए हैं.
  2. इकोफ्रेंडली और ‘सीड राखियां’: साधारण रेशमी धागों की जगह पर्यावरणअनुकूल राखियां ट्रेंड कर रही हैं, जिनमें बीज लगे होते हैं जिन्हें त्यौहार के बाद गमले में बोया जा सकता है.
  3. गॉरमेट चॉकलेट्स और प्रीमियम ड्राईफ्रूट हैम्पर्स: मिलावटी मिठाइयों के डर और लंबी शेल्फलाइफ के चलते पारंपरिक मिठाइयों की जगह आर्टिसनल चॉकलेट्स, भुने हुए गॉरमेट नट्स और ऑर्गेनिक स्नैक हैम्पर्स की मांग में 40 फीसदी से अधिक का उछाल आया है.
  4. सिल्वर कॉइंस और डिजिटल गोल्ड: शगुन के तौर पर लिफाफे में कैश देने के बजाय लोग चांदी के सिक्के, कस्टमाइज्ड सिल्वर ज्वेलरी और डिजिटल गोल्ड गिफ्ट कर रहे हैं.

खरीदारी का बदलता मिजाज

पैमाना पारंपरिक ईकॉमर्स क्विक कॉमर्स
खरीदारी का समय त्यौहार से 5 से 10 दिन पहले त्यौहार के दिन या 24 घंटे पहले
मुख्य उत्पाद महंगे गैजेट्स, ब्रांडेड कपड़े, कस्टमाइज्ड गिफ्ट्स राखियां, ताजी मिठाइयां, रोलीअक्षत थाली, इंस्टेंट हैम्पर्स
डिलीवरी का समय 1 से 3 दिन 10 से 15 मिनट
ग्राहक की मानसिकता प्लांड शॉपिंग इंस्टैंड और इमरजेंसी बाइंग

टेक ने कैसे बदला पूरा गिफ्टिंग मार्केट?

  1. एनआरआई और इंटरसिटी डिलीवरी आसान: विदेश या दूसरे शहरों में रहने वाले भाईबहन अब भारतीय क्विककॉमर्स ऐप्स के जरिए सीधे अपने घर के पते पर 10 मिनट में रोलीअक्षत के साथ राखीमिठाई भिजवा रहे हैं.
  2. डिजिटल गिफ्ट कार्ड्स का बढ़ता क्रेज: कंफ्यूजन से बचने के लिए कई लोग फैशन ब्रांड्स, ब्यूटी स्टोर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स प्लेटफॉर्म्स के डिजिटल गिफ्ट वाउचर्स सीधे व्हाट्सएप या ईमेल पर भेज रहे हैं.
  3. पर्सनलाइजेशन और एआई: ईकॉमर्स साइट्स पर एआईजनरेटेड कस्टमाइज्ड फोटो फ्रेम्स, नाम लिखे हुए लेदर एक्सेसरीज और पर्सनलाइज्ड गिफ्ट सेट की मांग तेजी से बढ़ी है.

राखी पर 30 हजार करोड़ की शॉपिंग का अनुमान

कैट के सेकेट्री जनरल प्रवीण खंडेलवाल के अनुमान के अनुसार इस बार देशभर में राखी के मौके पर 30 हजार करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान है. खंडेलवाल ने कहा कि इस साल रक्षाबंधन के दौरान दिल्ली में लगभग 4,000 करोड़ रुपए का व्यापार होने की उम्मीद है, जबकि देश भर में कुल कारोबार के लगभग 30,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है. इसमें राखियों, मिठाइयों, उपहारों, कपड़ों, सजावटी सामान, सूखे मेवों, इलेक्ट्रॉनिक उपहारों, घर की सजावट के सामान और पूजा की सामग्री की बिक्री शामिल है.