हिमाचली खबर: Lucky Stone: ‘गुरुवार’ से तो आप समझ ही गए होंगे कि यहां हम पुखराज रत्न की बात कर रहे हैं। ज्योतिष में इस रत्न को बेहद शक्तिशाली रत्न माना गया है। कहते हैं इस रत्न को धारण करते ही शुभ परिणाम मिलने शुरू हो जाते हैं। ये रत्न सुखसमृद्धि में वृद्धि करता है और साथ ही वैवाहिक जीवन में आ रही दिक्कतें भी दूर करता है। इस रत्न के स्वामी ‘गुरु’ माने जाते हैं। लेकिन इस रत्न को धारण करने से पहले अपनी कुंडली जरूर दिखा लें। जिससे आपको ये पता चल जाएगा कि आपको ये रत्न सूट करेगा या नहीं। चलिए अब जान लेते हैं इसके फायदे।

भाग्य चमकाता है ‘पुखराज रत्न’
ज्योतिष अनुसार पुखराज रत्न धारण करने से गुरु ग्रह काफी मजबूत हो जाता है। जिससे करियर और वैवाहिक जीवन में काफी शुभ परिणाम मिलने लगते हैं। ये रत्न भाग्य मजबूत करता है। जिससे व्यक्ति को उसकी मेहनत का फल मिलने लगता है। मान्यता है कि इस रत्न को विधिविधान से पहनने पर 30 दिनों के भीतर ही सकारात्मक परिणाम मिलने शुरू हो जाते हैं।
पुखराज पहनने के फायदे
- पुखराज रत्न धारण करने से आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाती है।
- अटका हुआ पैसा वापस मिल जाता है।
- बिजनेस में लाभ मिलने लगता है।
- जिनकी शादी में बाधा आ रही है, उनके लिए पुखराज रामबाण माना जाता है।
- इस रत्न को धारण करने से एकाग्रता शक्ति बढ़ती है।
- समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ती है।
- वैवाहिक जीवन में आ रही दिक्कतें दूर हो जाती हैं।
पुखराज धारण करने की सही विधि
- पुखराज को गुरुवार के दिन सूर्योदय के बाद धारण किया जाता है।
- इस रत्न को हमेशा सोने की अंगूठी में ही जड़वाकर पहनना चाहिए।
- इसे दाएं हाथ की तर्जनी उंगली में पहनना चाहिए।
- पुखराज को धारण करने से पहले इसे गंगाजल और कच्चे दूध से जरूर शुद्ध कर लें।
- धारण करते समय गुरु के बीज मंत्र ॐ बृं बृहस्पतये नमः का 108 बार जाप जरूर करें।



