हिमाचली खबर: Adhik Maas 2026: सनातन धर्म में अधिकमास का विशेष महत्व माना जाता है। ये महीना भगवान विष्णु की उपासना के लिए बेहद खास होता है। कहते हैं इस महीने में व्रतपूजन और दान का फल कई गुना अधिक मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अधिकमास में कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है। कहते हैं इस दौरान जो कोई भी ये कार्य करता है उन्हें अशुभ फलों की प्राप्ति होती है। जानिए ये कौन से काम हैं।

अधिकमास में क्या नहीं करना चाहिए
- मांगलिक कार्य: अधिकमास में मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है। यानी इस दौरान विवाह, मुंडन, उपनयन संस्कार और सगाई जैसे मांगलिक कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए। माना जाता है कि इस समय किए गए शुभ कार्य अच्छा परिणाम नहीं देते।
- नये व्यापार का प्रारंभ: यदि आप नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो वो काम भी अधिकमास में भूलकर भी न करें। कहते हैं इस दौरान शुरू किये गये काम में असफलता मिलने की ज्यादा संभावना रहती है।
- गृह प्रवेश और निर्माण का कार्य: अधिकमास में नए घर की नींव रखना या नए घर में प्रवेश करना भी अशुभ मान जाता है। कहते हैं ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
- तामसिक भोजन का सेवन: अधिकमास में मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसी तामसिक चीजों का सेवन करने से भी मना किया जाता है। कहते हैं इस महीने में सात्विक जीवन जीने से ही पुण्य मिलता है।
- खरीदारी: अधिकमास में जमीन, सोना, नई गाड़ी या अन्य महंगी चीजों को खरीदना भी अशुभ माना जाता है। कहते हैं इससे अशुभ फलों की प्राप्ति होती है।
- क्रोध और झूठ: अधिकमास में शांत रहने की सलाह दी जाती है। इस दौरान अधिक गुस्सा करने और झूठ बोलने से बचना चाहिए। इसके अलावा किसी का अपमान भी नहीं करना चाहिए। कहते हैं जो कोई भी इस महीने में किसी का अपमान करता है या झूठ बोलता है उसके संचित पुण्य नष्ट हो जाते हैं।



