Increased Heart Rate : दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। शरीर के हर हिस्से तक रक्त पहुंचाने का काम दिल ही करता है, इसलिए इसकी नियमित धड़कन जीवन के लिए आवश्यक है। हालांकि कई बार लोगों को अचानक दिल की धड़कन तेज महसूस होने लगती है, जिससे घबराहट पैदा हो जाती है। ऐसे में कई लोग इसे सीधे हार्ट अटैक से जोड़कर देखने लगते हैं।

सामान्य तौर पर कितनी होनी चाहिए हार्ट रेट?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति की आराम की अवस्था में हार्ट रेट सामान्यतः 60 से 100 धड़कन प्रति मिनट के बीच रहती है। वहीं एथलीट या नियमित व्यायाम करने वाले लोगों की हार्ट रेट इससे कम भी हो सकती है। इसलिए हर तेज धड़कन किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

दिल की धड़कन अचानक तेज होने के पीछे क्या हैं वजहें?

विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट बीट बढ़ने के कई अलगअलग कारण हो सकते हैं। कई बार यह शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया होती है, जबकि कुछ मामलों में यह किसी स्वास्थ्य समस्या की ओर भी इशारा कर सकती है।

व्यायाम और शारीरिक गतिविधियां भी बढ़ाती हैं हार्ट रेट

जब हम दौड़ते हैं, सीढ़ियां चढ़ते हैं या किसी तरह की शारीरिक मेहनत करते हैं, तब शरीर को अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए दिल तेजी से रक्त पंप करता है, जिससे धड़कन बढ़ जाती है। यह एक सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है।

तनाव, घबराहट और कुछ आदतें भी हो सकती हैं जिम्मेदार

मानसिक तनाव, चिंता या घबराहट की स्थिति में शरीर में ऐसे हार्मोन निकलते हैं जो दिल की धड़कन को तेज कर देते हैं। इसके अलावा अधिक मात्रा में चाय, कॉफी, , निकोटीन या कुछ दवाओं का सेवन भी हार्ट रेट बढ़ाने का कारण बन सकता है।

बुखार, थायरॉइड और अन्य बीमारियों का भी पड़ सकता है असर

यदि शरीर में संक्रमण हो, बुखार हो या थायरॉइड की समस्या हो, तब भी दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। ऐसे मामलों में हार्ट बीट सामान्य से ज्यादा तेज हो सकती है। इसलिए लगातार बढ़ी हुई धड़कन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कुछ हृदय संबंधी समस्याएं भी बन सकती हैं वजह

विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल की विद्युत प्रणाली में गड़बड़ी होने पर भी धड़कन असामान्य रूप से तेज हो सकती है। एट्रियल फाइब्रिलेशन और सुप्रावेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया जैसी स्थितियां तेज या अनियमित धड़कनों का कारण बन सकती हैं। ऐसे लक्षण बारबार दिखाई दें तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

 

हार्ट बीट बढ़ने पर क्या करें?

अगर अचानक तेज महसूस हो रही है तो सबसे पहले शांत रहने की कोशिश करें। गहरी और धीमी सांस लेना फायदेमंद हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना, शरीर को हाइड्रेट रखना और तनाव कम करना भी मदद कर सकता है।

इन आसान उपायों से मिल सकती है राहत

योग, प्राणायाम और ध्यान जैसी गतिविधियां हार्ट रेट को नियंत्रित रखने में सहायक मानी जाती हैं। कुछ मामलों में जोर से खांसना या चेहरे पर ठंडा पानी छिड़कना भी धड़कन को सामान्य करने में मदद कर सकता है। हालांकि यदि तेज धड़कन के साथ सीने में दर्द, चक्कर, सांस फूलना या बेहोशी जैसे लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।