हिमाचली खबर: गलत खानपान और बिगड़ती जीवनशैली के कारण आज हर दूसरा इंसान पेट की गर्मी और कब्ज जैसी समस्याओं से परेशान है। कब्ज को दूर करने के लिए आयुर्वेद में ‘मुनक्का’ को औषधीय गुणों का खजाना माना गया है। मुनक्का का सेवन करने से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और बॉडी नेचुरल तरीके से डिटॉक्स होती है। आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के विशेषज्ञ डॉ. सलीम के मुताबिक अगर मुनक्का का सेवन सही तरीके से किया जाए तो यह पुरानी कब्ज में भी बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

पाचन सुधारने और पेट की गर्मी शांत करने में मददगार है मुनक्का; आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानिए इसके फायदे और तरीका​
पाचन सुधारने और पेट की गर्मी शांत करने में मददगार है मुनक्का; आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानिए इसके फायदे और तरीका​

मुनक्का एक पौष्टिक ड्राई फ्रूट है जिसे आयुर्वेद में औषधि के रूप में माना गया है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन को बेहतर बनाते हैं। नियमित रूप से मुनक्का खाने से खून की कमी दूर करने, हड्डियों को मजबूत बनाने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के अनुसार मुनक्का शरीर की गर्मी को शांत कर पित्त दोष को संतुलित करता है। इसे पानी में भिगोकर या दूध में उबालकर खाने से गैस, एसिडिटी और पेट की जलन में राहत मिल सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि मुनक्का का सेवन करने से सेहत पर कैसा होता है असर।

कब्ज से राहत दिलाने में मददगार

आयुर्वेद में मुनक्का को नेचुरल लैक्सेटिव यानी रेचन माना गया है। इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई में मदद करता है और मल त्याग को आसान बनाता है। रोजाना रात में भिगोकर मुनक्का खाने से डाइजेशन बेहतर होता है और पुरानी कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है।

बढ़ती उम्र के असर को कम करने में सहायक

मुनक्का में रेसवेराट्रॉल, पॉलीफेनोल्स और फ्लेवोनोइड्स जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स जल्दी नहीं आतीं। इसी वजह से मुनक्का को एंटीएजिंग फूड भी माना जाता है।

एसिडिटी और पेट की जलन में राहत

मुनक्का का पानी पेट को ठंडक देने में मदद करता है। इसका सेवन गैस, एसिडिटी और पेट की जलन को कम कर सकता है। इसमें मौजूद फाइबर और टार्टरिक एसिड पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

खून की कमी दूर करने में फायदेमंद

मुनक्का में आयरन और कॉपर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। महिलाओं और बच्चों के लिए यह एक हेल्दी स्नैक की तरह काम कर सकता है।

हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए

कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर मुनक्का हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। वहीं इसमें मौजूद ओलियानोलिक एसिड दांतों की सुरक्षा में मददगार माना जाता है।

दिल और इम्यूनिटी के लिए अच्छा

मुनक्का में मौजूद पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर शरीर को बीमारियों से बचाने में सहायक होता है।

हार्मोनल बैलेंस में भी मददगार

कुछ लोगों में मुनक्का का सेवन मूड स्विंग्स, थकान और हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी परेशानियों को कम करने में मदद कर सकता है। महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाली कमजोरी में भी यह फायदेमंद माना जाता है।

खांसी और बलगम में राहत

मुनक्का में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह गले और सीने में जमा बलगम को बाहर निकालने में मदद कर सकता है। अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याओं में भी इसे घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

तनाव कम कर नींद बेहतर बनाए

अगर आपको नींद कम आती है या तनाव ज्यादा रहता है, तो रात में गर्म दूध के साथ मुनक्का लेना फायदेमंद हो सकता है। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और रिलैक्स महसूस होता है।

दुबलेपतले लोगों के लिए फायदेमंद

मुनक्का में प्राकृतिक शुगर और कैलोरी होती है, जो शरीर को ऊर्जा देती है। नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

मुनक्का खाने का सही तरीका

रात में 58 मुनक्का पानी में भिगो दें और सुबह उसका पानी पी लें। आप मुनक्का का सेवन दूध में पकाकर भी कर सकते हैं। 

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

  • डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में ही मुनक्का खाएं।
  • जिन लोगों की तासीर ठंडी होती है, उन्हें ज्यादा सेवन से बचना चाहिए।
  • हमेशा बीज निकालकर ही मुनक्का खाना बेहतर माना जाता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी घरेलू उपाय या डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।