हिमाचली खबर: Shani Jayanti 2026: शनि जयंती ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाई जाती है और इस साल ये अमावस्या 16 मई 2026, शनिवार को मनाई जा रही है। इस बार की शनि जयंती बेहद खास है क्योंकि इस दिन शनिवार का शुभ संयोग भी बन रहा है। ज्योतिष अनुसार शनिवार और शनि जयंती के दुर्लभ संयोग में एक खास उपाय करना शनि दोष से छुटकारा दिला सकता है। ये उपाय खासतौर से उन राशियों के लिए खास रहेगा जिन पर साढ़ेसाती का साया है और ये राशियां हैं कुंभ, मीन और मेष।

शनि जयंती पर करें लोहे की कटोरी वाला खास उपाय
- शनि देव को प्रसन्न करने के लिए ये उपाय बेहद कारगर माना जाता है।
- इसके लिए आपको एक लोहे की कटोरी की जरूरत होगी।
- इस कटोरी को 15 मई के दिन ही खरीद लें क्योंकि 16 मई को शनिवार है और इस दिन लोहा नहीं खरीदा जाता है।
- खरीदी गई लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भर लें। फिर इसमें एक सिक्का डालें।
- अब इस कटोरी में अपना चेहरा देखकर इसे शनि का दान देने वाले व्यक्ति को दान कर दें।
- ये उपाय आप 16 मई की सुबह या शाम कभी भी कर सकते हैं। इस उपाय को ‘छाया दान’ कहा जाता है।
- शनि जयंती के दिन इसे करने से साढ़ेसाती का नकारात्मक प्रभाव काफी हद तक कम हो सकता है।
- अगर दान लेने के लिए कोई व्यक्ति ना मिले तो इसे मंदिर में रख आएं।
- इस बात का भी ध्यान रखें कि सरसों का तेल भी एक दिन पहले ही खरीद लेना है या इसके लिए घर पर रखे गए तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
छाया दान के साथ ये उपाय भी जरूर करें
यदि आपकी कुंडली में शनि बहुत कमजोर है, तो लोहे की कटोरी वाले उपाय के साथसाथ आप काले चने, काली उड़द दाल, काले जूते और काले कपड़े का दान भी करें। इससे शनि देव अपनी विशेष कृपा बरसाएंगे और साढ़ेसाती से तुरंत राहत दे देंगे।


