8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए लगातार नए अपडेट सामने आ रहे हैं. आयोग देश के अलगअलग हिस्सों में बैठकें कर कर्मचारियों, यूनियनों और दूसरे पक्षों की राय ले रहा है. जयपुर में 31 अगस्त और 1 सितंबर को बैठक होने वाली है, जबकि आने वाले महीनों में बेंगलुरु, चंडीगढ़, पुडुचेरी और चेन्नई में भी बैठकें होंगी. वहीं फिटमेंट फैक्टर और सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसे लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. चलिए जानते हैं 5 बड़े अपडेट.

1. जयपुर के बाद इन शहरों में होगी बैठक
8वें वेतन आयोग ने देशभर में अपनी सलाहमशविरा प्रक्रिया तेज कर दी है. 24 अगस्त के अपडेट के मुताबिक आयोग 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु जाएगा, जिसके लिए सुझाव जमा करने की आखिरी तारीख 18 सितंबर है. इससे पहले 31 अगस्त और 1 सितंबर को जयपुर में बैठक होगी, जिसके लिए 18 अगस्त तक आवेदन मांगे गए थे. वहीं चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर को बैठक प्रस्तावित है और पुडुचेरी में 9 सितंबर तथा चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को बैठक होगी.
2. सैलरी और फिटमेंट फैक्टर पर क्या अपडेट
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सबसे ज्यादा नजर फिटमेंट फैक्टर, सैलरी बढ़ोतरी, पे मैट्रिक्स और पेंशन से जुड़े बदलावों पर है. अभी 8वें वेतन आयोग ने इन पर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है. पिछले 6वें और 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर क्रमशः 1.86 और 2.57 तय किया गया था. अब कुछ प्रमुख यूनियन, जिनमें एनसी और बीपीएमएस शामिल हैं, 3.5 गुना से ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं.
3. रिपोर्ट कब तक आ सकती है
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और इसे अंतिम रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. इस हिसाब से आयोग की अंतिम रिपोर्ट मईजून 2027 तक आने की संभावना है. अभी आयोग चर्चा और सुझाव लेने के चरण में है और देश के अलगअलग हिस्सों से कर्मचारियों, यूनियनों और संगठनों की राय जुटाई जा रही है. इन सुझावों के आधार पर आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा, जिन पर बाद में केंद्र सरकार फिटमेंट फैक्टर, सैलरी, पेंशन और भत्तों समेत दूसरे मुद्दों पर अंतिम फैसला लेगी.
4. कर्मचारियों के लिए क्यों अहम हैं ये बैठकें
आयोग की क्षेत्रीय बैठकें इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनमें अलगअलग राज्यों और संगठनों के कर्मचारी अपनी मांग, समस्या और सुझाव सीधे रख सकते हैं. पिछले कुछ महीनों में आयोग दिल्ली, लद्दाख, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई जगहों पर बैठकें कर चुका है. आयोग का मकसद ज्यादा से ज्यादा यूनियन, कर्मचारी संगठनों और दूसरे पक्षों की राय लेना है. इन चर्चाओं से मिलने वाली जानकारी आगे आयोग की सिफारिशों को तैयार करने में मदद करेगी.
5. कंसल्टेंट से लेकर प्रशासनिक तैयारी तक
11 अगस्त 2026 को आयोग ने कंसल्टेंट की नियुक्ति से जुड़ी गाइडलाइंस में आंशिक बदलाव किया है. यह आयोग की तकनीकी और पेशेवर मदद से जुड़ी तैयारी का हिस्सा है. वहीं लगातार होने वाली क्षेत्रीय बैठकें भी दिखाती हैं कि आयोग अपनी चर्चा और प्रशासनिक काम को आगे बढ़ा रहा है. फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सबसे अहम बात यह है कि 8वें वेतन आयोग का काम जारी है, लेकिन फिटमेंट फैक्टर, वेतन बढ़ोतरी और पेंशन से जुड़े अंतिम फैसलों के लिए अभी आयोग की सिफारिशों और उसके बाद केंद्र सरकार के फैसले का इंतजार करना होगा.



