हिमाचली खबर: गर्मियों के मौसम में कूलर की हवा को AC जैसी ठंडी पाने के लिए लोग कई तरह के जुगाड़ अपनाते हैं। इन्हीं देसी उपायों में से एक है कूलर की पानी की टंकी में मिट्टी का मटका रखना। अक्सर लोग सोशल मीडिया या दोस्तों से सुनकर यह तरीका आज़माते हैं। लेकिन क्या वाकई ऐसा करने से कूलर ज्यादा ठंडी हवा देने लगता है? सोशल मीडिया पर इन दिनों ये जुगाड़ काफी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस ट्रिक को लोग आजमा भी रहे हैं। लेकिन सवाल है कि क्या सच में ऐसा करने से कूलर की कूलिंग बढ़ जाती है? चलिए जानते हैं।

क्या वाकई हवा ठंडी होती है?
मिट्टी के मटके में पानी ठंडा होने का कारण इवैपोरेशन है। मटके की सतह पर छोटेछोटे छिद्र होते हैं, जिनसे पानी रिसकर बाहर आता है और बाहर की गर्मी से भाप बनकर उड़ जाता है। इस प्रक्रिया में मटके के अंदर का पानी ठंडा हो जाता है। ऐसे में जब आप इस मटके को कूलर की टंकी में रखते हैं, तो मटके के अंदर का पानी तो ठंडा रहता है, लेकिन वह मटके के अंदर ही बंद रहता है। कूलर का पंप मटके के अंदर से नहीं, बल्कि टंकी के खुले पानी को खींचकर घास या हनीकॉम्ब पैड्स तक पहुंचाता है। मटका बंद होने के कारण वह अपनी ठंडक को टंकी के पूरे पानी में पूरी तरह ट्रांसफर नहीं कर पाता। इसलिए, कूलर की हवा में कोई चमत्कारी रूप से बड़ा बदलाव या एक्स्ट्रा कूलिंग देखने को नहीं मिलती।
लोग ऐसा क्यों रहे
थर्मल मास
मिट्टी का मटका ठंडे पानी के तापमान को थोड़ी देर तक बनाए रखने में मदद कर सकता है। अगर आप कूलर में पहले से ही ठंडा पानी या बर्फ डाल रहे हैं, तो मटका उस ठंडक को सोखकर पानी को थोड़ी ज्यादा देर तक ठंडा रख सकता है। लेकिन ये ठंडा बढ़ाने में कारगर नहीं माना गया है।
मिट्टी के टुकड़े रखना ज्यादा बेहतर
मटका साबुत रखने के बजाय, अगर मटके के छोटेछोटे टुकड़े कूलर की घास या हाइवपैड के पास या टंकी में फैलाकर रख दिए जाएं, तो हवा के संपर्क में आने से वाष्पीकरण बढ़ जाता है और हवा में थोड़ी ज्यादा ठंडक महसूस हो सकती है।



