हिमाचली खबर: ऑफिस में काम करने वाले लोग घंटों एक जगह एक कुर्सी पर बैठे रहते हैं। लगातार पैर लटकाकर रखने से पैरों में थकान, पैरों में दर्द और फिजिकल एक्टिविटी कम होती है। ऐसे में पैरों के बल खड़े होने यानि पैर की उंगलियों को उठाना एक असरदार व्यायाम है। जिससे आपके शरीर को कई जादुई फायदे मिलते हैं। इससे पिंडली की मांसपेशियों, टखनों और पैरों को फायदा मिलता है। रोजाना सिर्फ 10 मिनट तक पंजों के बल खड़े होने से पूरी बॉडी का बैलेंस बनता है। पैर की उंगलियों पर खड़े होने से पिंडली की ताकत बढ़ाने और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार लाने में मदद मिलती है।

रोज सुबह 10 मिनट पंजों पर खड़े होने से क्या फायदा मिलता है?​
रोज सुबह 10 मिनट पंजों पर खड़े होने से क्या फायदा मिलता है?​

पंजों पर खड़े होने का तरीका

इसके लिए सीधे खड़े हो जाएं और पैरों को कंधे की चौड़ाई के बराबर दूरी पर रखें। अब अपनी पीठ सीधी रखें और नजर सामने। धीरेधीरे एड़ी ऊपर करें और अपना वजन अपने पैरों के अगले हिस्से पर डालें। कुछ देर के लिए होल्ड करें और फिर से एड़ी को नीचे लाएं। आपको इसे 1015 बार रिपीट करना है। शुरुआती लोग संतुलन बनाने के लिए किसी दीवार या कुर्सी का सहारा ले सकते हैं। धीरेधीरे दोहराएं और खुद को संतुलित करने की कोशिश करें। शुरुआत में बैलेंस करने में मुश्किल आ सकती है, लेकिन धीरेधीरे प्रैक्टिस करने से आप इसे आसानी से कर पाएंगे।

पंजों के बल खड़े होने के फायदे

पैरों में सुन्नता कम हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, जो लोग घंटों बैठकर काम करते हैं उनके लिए ये व्यायाम बेहद असरदार है। सिर्फ कुछ मिनटों के लिए पंजों पर खड़े होने से पैरों में भारीपन, सुन्नता या मांसपेशियों की थकान को दूर किया जा सकता है। 

पैरों को रिलेक्स पंजों के बल खड़े होने से पिंडलियों की मांसपेशियों को रिलेक्स मिलता है। इससे थकान, पैरों में दर्द और पैरों में आने वाली सूजन की समस्या को कम किया जा सकता है। रोजाना इस अभ्यास को करने से पैरों में मजबूती आती है।

मोटापा कम जिस तरह से पंजों के बल खड़े होने से आपके शरीर की मांसपेशियां एक्टिव होती हैं उससे कैलोरी भी बर्न होती है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है। हालांकि ये दौड़ने या साइकिल चलाने जितनी जोरदार फैट बर्न करने वाली एक्सरसाइज नहीं है लेकिन इससे गतिशीलता में सुधार आता है।

टखने के दर्द में आराम जिन लोगों को पंजों और टखने में दर्द रहता है उनके लिए ये अच्छा व्यायाम है। पैर की उंगलियों को ऊपर उठाने वाले व्यायाम में शरीर को अपने गुरुत्वाकर्षण केंद्र पर बेहतर नियंत्रण रखना पड़ता है, जिससे पैरों और कमर की मांसपेशियों को स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है।

संतुलन में सुधार इसे किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं। रोजाना पंजों के बल खड़े होने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आता है और संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। खासतौर से बुजुर्ग लोगों के लिए ये एक बेहतरीन व्यायाम है। इससे गिरने और बुजुर्गों में चोट लगने का खतरा कम होता है।

पंजों पर खड़े होने से पहले ध्यान रखें ये बातें

भले ही ये आसानी से किया जाने वाला एक सरल व्यायाम है लेकिन कुछ लोगों को इसे करते वक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। जिन लोगों को चक्कर आने की समस्या, गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस या पहले कभी गिरने की समस्या रही है उन्हें बैलेंस बनाने के लिए किसी का सपोर्ट लेना चाहिए। आप दीवार या कुर्सी की मदद से इसे शुरू करें। पंजों पर खड़े होकर पैर की उंगलियों को तेजी से ऊपर उठाने या छलांग लगाने से बचें।