हिमाचली खबर: ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। जिला मुख्यालय अस्पताल परिसर से एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पीड़ित लड़की अस्पताल में भर्ती अपने एक रिश्तेदार की देखभाल के लिए वहां रुकी हुई थी। वह अस्पताल परिसर में अटेंडेंट के तौर पर मौजूद थी। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे बहलाफुसलाकर या जबरदस्ती अस्पताल परिसर से बाहर ले गए और उसके साथ गैंगरेप किया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए झारसुगुड़ा एयरपोर्ट थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने अलग अलग टीम बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है, जिस पर वारदात में सहयोग करने का आरोप है।
3 आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में झारसुगुड़ा के बुरोमल निवासी आकाश प्रधान, राजा बेसन और एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की वारदात बेहद चिंता की बात है।
पीड़िता को उसके परिवार को सौंपा गया
इस घटना को लेकर झारसुगुड़ा सीडब्लूसी की अध्यक्ष संजुक्ता महापात्रा ने कहा, “हमें पुलिस से इस बात की जानकारी मिली कि 17 मई की रात को कुछ आरोपी पास के जंगल में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने पीड़िता को सीडब्लूसी में पेश किया था। सीडब्लूसी ने पीड़िता से बात की थी और इससे पता चला कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। पीड़िता ने हमारे सामने अपनी आपबीती बताई। हमनें उसका काउंसलिंग भी किया और उसके बाद पीड़िता को उसके परिवार को सौंप दिया गया है। आगे कैसे उसकी देखभाल होगी, इसकी योजना सीडब्लूसी बना रही है।”
स्थानीय नागरिकों को आशा है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके। साथ ही राज्य के सभी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने और रात के समय सुरक्षा कड़ी करने की भी मांग उठ रही है। इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



