हिमाचली खबर: गर्मियों में पानी का इस्तेमाल काफी बढ़ जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि टंकी में पानी भरा होता है लेकिन शॉवर या नल में पानी की पहले जैसी तेज धार नहीं आती है। जरूरी नहीं कि हर बार इसकी वजह बड़ी खराबी ही हो। कई बार टंकी, पाइपलाइन या मोटर से जुड़ी छोटीछोटी समस्याएं पानी का प्रेशर कम कर देती हैं।

ये ऐसी चीजें होती हैं जिनके ऊपर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता है। ऐसे में ज्यादातर लोग तुरंत प्लंबर बुलाने का सोचते हैं, जबकि कुछ आसान चीजें खुद चेक करके भी इस समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। अगर आपके घर में भी पानी का फ्लो कमजोर हो गया है, तो यहां जानिए टंकी के पानी का प्रेशर बढ़ाने के असरदार और आसान तरीके।
टंकी का ढक्कन और आउटलेट चेक करें
कई बार टंकी के आउटलेट पर गंदगी जमा हो जाती है। उसमें काई, मिट्टी या प्लास्टिक के छोटे टुकड़े फंस जाते हैं। इससे पानी का बहाव धीमा हो जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए महीने में एक बार टंकी का आउटलेट साफ करें। पाइप के मुहाने पर जमा गंदगी को हटाएं।
शॉवर की जाली में जमा नमक और गंदगी साफ करें
बाथरूम में लगे शॉवर में सिर्फ पानी कम आ रहा है, तो जरूरी नहीं कि टंकी में दिक्कत हो। कई बार ऐसा होता है कि कठोर पानी की वजह से छोटे छेद बंद हो जाते हैं। ऐसे में इसे साफ करने के लिए शॉवर हेड को रातभर सिरके वाले पानी में डुबोकर रखें। इसे सुबह ब्रश से साफ करें।
मोटर और टंकी के बीच हवा का रिसाव चेक करें
अगर मोटर हवा खींच रही है, तो पानी का दबाव कम हो सकता है। इसे आप ऐसे भी पहचान सकते हैं अगर मोटर से अजीब आवाज आ रही हो या पानी रुकरुककर आ रहा हो। ऐसी स्थिति में पाइप जोड़ और वाल्व की जांच करवाएं। बूस्टर पंप लगवाना काफी असरदार हो सकता है।
टंकी के नीचे लगे वाल्व को पूरी तरह खोलें
कई बार सफाई या मरम्मत के बाद वाल्व आधा खुला रह जाता है। बच्चे भी कई बार वाल्व को घुमा देते हैं। पानी की टंकी का प्रेशर कम हो तो आप इसे भी चैककरें। मुख्य वाल्व और सभी स्टॉप वाल्व पूरी तरह खुले हैं या नहीं, यह चेक करें।
पानी का फिल्टर या नल की जाली गंदी होना
आरओ, फिल्टर या नल की जाली में गंदगी जमा होने से पानी का बहाव कम हो सकता है। इसलिए समयसमय पर नल की जाली साफ करें। साथ ही फिल्टर समय पर बदलें।
पाइप में लीकेज चैक करें
याद रखिए छोटा सा रिसाव भी पानी का दबाव कम कर सकता है। आपके पाइप में लीकेज तो नहीं है यह भी जांच करें। इसे ऐसे पहचान सकते हैं कि दीवार में सीलन आने लगे। पाइप से बूंदें गिरने लगे।



