हिमाचली खबर: लखनऊ में भीषण बिजली कटौती से सरकार की किरकिरी हो रही है। जगहजगह लोगों का विरोध भी देखने को मिल रहा है। आम जनता और नेताओं के निशाने पर बिजली विभाग के अधिकारी हैं। बिजली संकट ज्यादा बढ़ रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या मे अधिशासी अभियंताओं का ट्रांसफर कर लखनऊ के विभिन्न उपकेंद्रों पर तैनात कर दिया गया है।

सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए कर्मचारियों को विभिन्न उपकेंद्रों पर तैनाती का आदेश दिया जाता है। आदेश के अनुसार, अलगअलग जिलों से 44 अधिशासी अभियंताओं का ट्रांसफर लखनऊ के विभिन्न बिजली उपकेंद्रों पर किया गया है।
अधिशासी अभियंताओं के ट्रांसफर की लिस्ट
कर्मचारियों की कमी उजागर
बता दें कि लखनऊ के कई इलाकों में बारबार बिजली गुल होने, खराबी ठीक होने में देरी और शहर की बिजली वितरण व्यवस्था में कथित तौर पर कर्मचारियों की कमी को उजागर कर दिया है। यह स्थिति नई ‘वर्टिकल सिस्टम’ लागू होने के बाद पैदा हुई है, जिसके तहत कथित तौर पर लगभग 300 संविदा कर्मचारियों को हटा दिया गया या किनारे कर दिया गया था। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ‘वर्टिकल सिस्टम’ के तहत उपभोक्ताओं के लिए कई डिजिटल सेवाएं भी शुरू की गई हैं। नई व्यवस्था के तहत, उपभोक्ताओं को बिजली से जुड़ी जानकारी सीधे उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिलती है; इसमें बिजली गुल होने की सूचना, लोड बढ़ाने से जुड़ी सलाह और टोलफ्री हेल्पलाइन 1912 पर शिकायत दर्ज कराने के तुरंत बाद शिकायत का विवरण शामिल होता है।



