हिमाचली खबर: Lucknow News: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती का संकट अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सत्ता पक्ष के विधायक भी खुलकर नाराजगी जाहिर करने लगे हैं. राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, रायबरेली, अमेठी, गाजियाबाद, अयोध्या, बरेली, एटा, अलीगढ़, सिद्धार्थनगर और गोंडा जैसे कई जिलों में घंटों बिजली गुल रहने से आम लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. लगातार हो रही कटौती के कारण जगहजगह प्रदर्शन, सड़क जाम और बिजली विभाग के खिलाफ हंगामे की घटनाएं सामने आ रही हैं.

लखनऊ में 24 घंटे तक बिजली गुल, लोग सड़क पर उतरे
राजधानी लखनऊ में बुधवार रात बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं. फैजुल्लागंज, सरोजिनी नगर, लखनऊ पूर्वी समेत कई इलाकों में 8 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही. गर्मी और उमस से परेशान लोग सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर जाम लगाया गया. फैजुल्लागंज इलाके में 100 से अधिक लोग बिजली सबस्टेशन पहुंच गए और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई.
बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर आकर्ष श्रीवास्तव ने माना कि बढ़ते लोड के कारण समस्या गंभीर हो गई है. उन्होंने बताया कि इलाके में चार नए ट्रांसफॉर्मर स्वीकृत किए गए हैं और वायर तथा फ्यूज को अपग्रेड करने का काम चल रहा है.
भाजपा विधायकों ने ऊर्जा मंत्री को लिखे पत्र
बिजली संकट को लेकर अब भाजपा के विधायक भी खुलकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं. सरोजिनी नगर से भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने ऊर्जा मंत्री को विस्तृत पत्र लिखकर बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की है. वहीं लखनऊ पूर्वी से विधायक ओपी श्रीवास्तव ने भी जनता की परेशानी का हवाला देते हुए तत्काल सुधार की मांग उठाई. गोंडा सदर से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर कहा कि जनता लगातार सवाल पूछ रही है और बिजली संकट से नाराज है. उन्होंने मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात के लिए समय भी मांगा है.
रायबरेली में विधायक ने अधिकारियों को लगाई फटकार
रायबरेली के सलोन से भाजपा विधायक अशोक कोरी के पास बिजली कटौती को लेकर लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं. इससे नाराज विधायक खुद सड़क पर निकल पड़े और अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. इसका वीडियो भी सामने आया है. रायबरेली के ग्रामीण इलाकों में भी लंबे समय से बिजली संकट बना हुआ है. उधर, लखनऊ से समाजवादी पार्टी विधायक नीरज बोरा ने भी ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है.
विपक्ष ने भी खोला मोर्चा
बिजली संकट को लेकर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है. लखनऊ पश्चिम से सपा विधायक अरमान खान तालकटोरा बिजली घर परिसर में धरने पर बैठ गए. वहीं नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने यूपीपीसीएल के एमडी को पत्र लिखकर व्यवस्था सुधारने की मांग की है. कानपुर में मंगलवार रात करीब पांच घंटे बिजली कटौती के बाद लोगों ने जमकर हंगामा किया. इसके अलावा अमेठी, अयोध्या, बरेली, एटा, अलीगढ़ और गोंडा से भी भारी बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं.
रिकॉर्ड बिजली मांग के बावजूद व्यवस्था पर सवाल
प्रदेश में इस समय बिजली की मांग 30 हजार मेगावाट के पार पहुंच चुकी है. ऊर्जा मंत्री ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि रिकॉर्ड मांग के बावजूद बिजली आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है. हालांकि जमीनी हालात इससे अलग नजर आ रहे हैं. बिजली विभाग के अधिकारियों का भी मानना है कि बढ़ती मांग के साथसाथ मेंटेनेंस और लोड मैनेजमेंट की रफ्तार धीमी है. आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका के चलते बिजली संकट और गहरा सकता है.
अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बिजली संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई नई व्यवस्था नहीं की और पुरानी व्यवस्था पर निर्भर रहने का नतीजा अब जनता भुगत रही है. उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ते ही पूरी व्यवस्था चरमरा गई है.



