हिमाचली खबर: Joe Root Stats: इंग्लैंड के अनुभवी व दिग्गज बल्लेबाज जो रूट बीते कुछ वर्षों से टेस्ट क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। चाहे घरेलू परिस्थितियां हों या विदेशी दौरे, रूट ने लगभग हर जगह रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। भारत के खिलाफ पिछली टेस्ट सीरीज में भी उन्होंने अहम पारियां खेली थीं और उसके बाद से उनका बल्ला लगातार रन उगलता रहा है। यही वजह है कि क्रिकेट जगत में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या रूट भविष्य में सचिन तेंदुलकर का टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर पाएंगे।

सचिन के रिकॉर्ड के कितने करीब पहुंचे रूट?
टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अभी भी भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। सचिन ने अपने करियर में 15,921 रन बनाए थे, जो आज भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। दूसरी ओर जो रूट 163 टेस्ट मैचों में 13,943 रन बना चुके हैं। यानी दोनों बल्लेबाजों के बीच अब 1,978 रन का अंतर बचा है।
रूट की मौजूदा लय और फिटनेस को देखते हुए कई पूर्व खिलाड़ी और विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर उन्होंने इसी तरह बल्लेबाजी जारी रखी, तो अगले कुछ वर्षों में वह इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड तक पहुंच सकते हैं। यही कारण है कि उनसे लगातार इस विषय पर सवाल पूछे जा रहे हैं।
रिकॉर्ड को लेकर क्या बोले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज?
हाल ही में ‘द एथलेटिक’ को दिए एक इंटरव्यू में जो रूट ने इस चर्चा पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनसे यह सवाल इतनी बार पूछा जा चुका है कि अब इसे पूरी तरह नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया है।
रूट ने की उपलब्धियों की जमकर सराहना करते हुए कहा कि उनके साथ तुलना होना ही अपने आप में सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि सचिन ने जिस लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और जिस स्तर की निरंतरता दिखाई, वह अविश्वसनीय है। रूट के मुताबिक, सचिन के रन, शतक और उनके करियर की लंबाई उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल करती है।
रिकॉर्ड नहीं, खेल में सुधार है प्राथमिकता जो रूट
हालांकि रूट ने साफ किया कि उनका मुख्य लक्ष्य किसी खास रिकॉर्ड का पीछा करना नहीं है। उनका कहना है कि वह हमेशा अपने खेल को बेहतर बनाने पर ध्यान देते हैं। इंग्लैंड के बल्लेबाज ने बताया कि वह लगातार अपनी तकनीक को निखारने और बल्लेबाजी में नए आयाम जोड़ने की कोशिश करते रहते हैं।
रूट के अनुसार, जब वह मैदान पर उतरते हैं तो उनका पूरा ध्यान सिर्फ मौजूदा मुकाबले और टीम के लिए योगदान देने पर रहता है। व्यक्तिगत रिकॉर्ड उनके लिए उतने महत्वपूर्ण नहीं हैं, जितना कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और टीम की सफलता में भूमिका निभाना।
जिस तरह की निरंतरता के साथ रन बना रहे हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में वह कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। फिलहाल क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इंग्लैंड का यह स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड तक पहुंच पाता है या नहीं। यदि रूट अपनी मौजूदा फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में एक नया अध्याय जुड़ना तय माना जा रहा है।



