हिमाचली खबर: थेपला गुजरात के लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजनों में से एक है, जिसे खासतौर पर नाश्ते, यात्रा और हल्के भोजन के रूप में खाया जाता है। यह दिखने में पराठे जैसा होता है, लेकिन सामान्य पराठों की तुलना में ज्यादा हल्का और लंबे समय तक ताजा रहने वाला माना जाता है। थेपला मुख्य रूप से गेहूं के आटे, मसालों और मेथी के पत्तों से बनाया जाता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ ही पोषण से भी भरपूर होता है।

गुजरात में इसे लोग चाय, दही, अचार या छाछ के साथ खाना पसंद करते हैं। कई घरों में सुबह के नाश्ते से लेकर सफर के खाने तक थेपला नियमित रूप से बनाया जाता है। आइए जानते हैं इसके बनाने की विधि।
थेपला बनाने की सामग्री
2 कप गेहूं का आटा
2 बड़े चम्मच बेसन
1 कप बारीक कटी मेथी
2 बड़े चम्मच दही
आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
आधा छोटा चम्मच अजवाइन
1 छोटा चम्मच तिल
नमक स्वादानुसार
2 बड़े चम्मच तेल
पानी जरूरत अनुसार
सेंकने के लिए तेल या घी
थेपला बनाने की विधि
सबसे पहले मेथी के पत्तों को अच्छी तरह धो लें ताकि मिट्टी साफ हो जाए। इसके बाद इन्हें बारीक काट लें। ताजी मेथी का इस्तेमाल करें, इससे स्वाद ज्यादा अच्छा आता है।
अब एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा और बेसन डालें। अब इसमें मेथी, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अजवाइन, तिल और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद दही और थोड़ा तेल डालें। अब धीरेधीरे पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें। ध्यान रखें कि आटा ज्यादा सख्त न हो।
आटे को 1015 मिनट ढककर रख दें ताकि मसालों का स्वाद अच्छे से मिल जाए। आटे की छोटीछोटी लोइयां बना लें। अब सूखे आटे की मदद से इन्हें पतला बेल लें। थेपला सामान्य पराठे से थोड़ा पतला बेलना चाहिए।
तवा गर्म करें और बेला हुआ थेपला तवे पर डालें। जब हल्के बुलबुले दिखने लगें तो पलट दें। अब दोनों तरफ हल्का तेला या घी लगाकर थेपले को सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें। इसी तरह सभी थेपले तैयार कर लें।
अब गरमागरम थेपले को दही, आम का अचार, हरी चटनी या फिर चाय के साथ भी सर्व कर सकते हैं।



